Budget 2026: राष्ट्रपति के भाषण के साथ शुरू हुआ बजट सत्र, पढ़ें द्रौपदी मुर्मू के संबोधन की खास बातें
Budget Session 2026: संसद के गलियारों में आज से भारी हलचल शुरू हो गई है। 28 जनवरी 2026 से भारतीय संसद का बजट सत्र आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस सत्र का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सदन को संबोधित करने के साथ हुआ। राष्ट्रपति का अभिभाषण न केवल सरकार की नीतियों का दर्पण होता है, बल्कि यह आगामी वित्त वर्ष के लिए देश की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित करता है।
इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा यानी आर्थिक सर्वेक्षण और फिर पूर्ण केंद्रीय बजट पेश किया जाना है। आम जनता से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार विकास और राहत के बीच कैसा संतुलन बनाती हैं। सत्र के दौरान होने वाली चर्चाओं और फैसलों का असर सीधे तौर पर देश के हर नागरिक की जेब और भविष्य पर पड़ने वाला है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन की खास बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि बीता हुआ वर्ष भारत की तेज प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा। राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस अवसर पर संसद में वंदे मातरम पर एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया, जो गर्व का विषय है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के दौरान, पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समुदाय के लिए उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत किया। पूरा देश इस बात का गवाह बना कि कैसे भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है जो विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और गति देती है।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मज़बूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।"
Budget Session 2026: दो चरणों में आयोजित होगा बजट सत्र, नोट करें तारीखें
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, विधायी कार्यों और बजट पर विस्तृत चर्चा के लिए सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पूरे सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी:
- पहला चरण: आज 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा।
- दूसरा चरण: अल्पविराम के बाद 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा करना और वित्त विधेयक को अंतिम रूप देना होगा।
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Budget 2026: आर्थिक सर्वेक्षण बताएगा देश का हाल (Economic Survey)
बजट सत्र के पहले ही चरण में, कल यानी 29 जनवरी को सरकार संसद के पटल पर 'आर्थिक सर्वेक्षण' रखेगी। यह दस्तावेज पिछले एक साल में देश की जीडीपी ग्रोथ, महंगाई की स्थिति, विदेशी मुद्रा भंडार और कृषि-उद्योग क्षेत्र के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण पेश करेगा। विशेषज्ञों के लिए यह बजट की पूर्व-पीठिका की तरह होता है।
Budget 2026: रविवार को पेश होगा ऐतिहासिक बजट
इस साल का सबसे बड़ा आकर्षण 1 फरवरी 2026 है। आमतौर पर बजट कार्यदिवस पर आता है, लेकिन इस साल 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट, किसानों के लिए नई योजनाओं और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाने के फैसलों के लिए जाना जा सकता है।
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