Nirmala Sitharaman: किस रंग की साड़ी पहनकर बजट पेश करने पहुंची निर्मला सीतारमण? किस साल चुना कहां का ट्रेडिशन?
Nirmala Sitharaman Saree: संसद की सीढ़ियों पर जब आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने हाथ में 'बहीखाता' (डिजिटल टैबलेट) लेकर पहुंचीं, तो सबकी निगाहें सिर्फ आंकड़ों पर नहीं बल्कि उनके पहनावे पर भी टिक गईं। दरअसल, देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के लिए साड़ी सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और अर्थव्यवस्था के प्रति एक मूक संदेश देने का जरिया रही है।
पिछले नौ वर्षों में उन्होंने कभी बिहार की मधुबनी कला को वैश्विक मंच दिया, तो कभी ओडिशा की बोमकाई सिल्क के जरिए बुनकरों की ताकत दिखाई। इस बार यानी 2026 में उन्होंने वाइन कलर की साड़ी पहनी है। आइए, उनके पिछले बजट लुक्स के जरिए समझते हैं कि कैसे एक साड़ी के धागों में छिपी होती है देश की परंपरा और गौरव की अनकही कहानी।

बजट में निर्मला सीतारमण ने पहनी कौन सी साड़ी
2026: वाइन कलर की कांजीवरम कट्टम साड़ी
बजट 2026 के ऐतिहासिक अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक अत्यंत उत्कृष्ट और हाथ से बुनी हुई वाइन रंग की कांजीवरम कट्टम साड़ी में दिखाई दीं। तमिलनाडु के कांचीपुरम से ताल्लुक रखने वाली यह कला लगभग 400 साल पुरानी है और इसके डिजाइन मुख्य रूप से भव्य मंदिर वास्तुकला और समृद्ध तमिल संस्कृति से प्रेरित होते हैं।
इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इस पर बने सुनहरे 'कट्टम' यानी चौकोर खाने (चेक्स) हैं, जो दक्षिण भारत की पारंपरिक 'पाडी कोलम' (ग्रिड वाली रंगोली) की याद दिलाते हैं। ये वर्गाकार डिजाइन केवल एक सजावट मात्र नहीं हैं, बल्कि ये पवित्र और परिभाषित स्थानों के प्रतीक माने जाते हैं, जो स्थिरता और परंपरा का बोध कराते हैं। बॉर्डर गहरे नीले और ब्राउन रंग का है। आंचल का रंग सुनहरे और ब्राउन शेड का है।
अपनी शुद्ध सिल्क और सुनहरी चमक के लिए प्रसिद्ध यह कांजीवरम साड़ी भारतीय हस्तशिल्प की उस ताकत का प्रतिक है, जिसे वित्त मंत्री हमेशा अपने पहनावे के जरिए 'वोकल फॉर लोकल' के रूप में प्रमोट करती रही हैं। पूरी साड़ी बिना भारी कढ़ाई के है और इसकी सादगी, गरिमा और पारंपरिक अंदाज इसे बजट जैसे मौके के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। इसके साथ वित्त मंत्री ने सरसों के फूलों के रंग का एक स्वेटर पहना है और ब्राउन शेड का एक शॉल कंधे पर रखा हुआ है।

2025: मधुबनी पेंटिंग के जरिए लोक कला का सम्मान
पिछले साल यानी बजट 2025 में निर्मला सीतारमण ने बिहार की सुप्रसिद्ध मधुबनी कला वाली साड़ी पहनकर सबको चौंका दिया था। इस साड़ी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार दुलारी देवी ने तैयार किया था। इसके जरिए उन्होंने न केवल स्थानीय कलाकारों को सम्मान दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की जड़ें अपनी समृद्ध लोक कलाओं में बसी हैं।
2024: शांति और स्थिरता का 'ऑफ व्हाइट' कॉम्बिनेशन
2024 के पूर्ण बजट में वित्त मंत्री ऑफ व्हाइट साड़ी में नजर आई थीं, जिसमें बैंगनी (Purple) रंग का बॉर्डर था। फैशन और कलर साइकोलॉजी के जानकारों के मुताबिक, सफेद रंग शांति और स्पष्ट सोच का प्रतीक है, जबकि बैंगनी रंग शक्ति और दूरदर्शिता को दर्शाता है। वहीं, 2024 के ही अंतरिम बजट में उन्होंने नीले रंग की टसर सिल्क चुनी थी, जो स्थिरता का संकेत देती है।
2023 से 2021: साहस और सादगी का संगम
2023: इस साल उन्होंने पारंपरिक लाल साड़ी पहनी थी। लाल रंग साहस और ऊर्जा का प्रतीक है, जो उस समय भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति को दर्शा रहा था।
2022: ओडिशा की प्रसिद्ध कॉफी रंग की बोमकाई साड़ी पहनकर उन्होंने पूर्वी भारत की हस्तशिल्प कला को सराहा। यह भूरा रंग जमीन से जुड़े रहने और स्थिरता का संदेश था।
2021: कोरोना महामारी के साये में पेश हुए इस बजट में उन्होंने लाल बॉर्डर वाली ऑफ व्हाइट साड़ी पहनी, जो कठिन समय में सादगी और हिम्मत का मेल थी।
शुरुआती सफर: पीले और गुलाबी रंग की ऊर्जा
निर्मला सीतारमण ने 2020 के बजट में पीली सिल्क साड़ी पहनकर सदन में कदम रखा था, जिसे शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। इसी साल उन्होंने अपना सबसे लंबा (2 घंटे 42 मिनट) भाषण भी दिया था। वहीं, साल 2019 में अपने पहले बजट के दौरान वह गुलाबी सिल्क साड़ी में दिखाई दी थीं, जो गंभीरता और संतुलन का प्रतीक मानी जाती है।
साड़ी के जरिए 'वोकल फॉर लोकल' का प्रचार
वित्त मंत्री की हर साड़ी सीधे तौर पर भारत के हैंडलूम और बुनकर समुदाय का समर्थन करती है। संबलपुरी, इल्कल, कांजीवरम और बोमकाई जैसे पारंपरिक परिधानों को चुनकर वह देश के कुटीर उद्योगों को एक बड़ा विज्ञापन मंच प्रदान करती हैं। यही वजह है कि बजट के दिन सोशल मीडिया पर उनकी साड़ी की बनावट और उसके भौगोलिक संकेत (GI Tag) को लेकर उतनी ही चर्चा होती है जितनी कि टैक्स स्लैब पर।












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