Budget 2022: नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बजट को बताया प्रगतिशील, कहा- ' ये विकास का सूर्योदय'
नई दिल्ली, 01 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आज वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि इस बजट में आम लोगों का ध्यान रखा गया है उन्होंने महाभारत के श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि 'किसी राजा को किसी भी तरह की ढिलाई न करते हुए धर्म के मुताबिक करों का संग्रहण करना चाहिए।' इस बजट को जहां विपक्ष बेकार, उद्योगपतियों की जेबें भरने वाला और आम लोगों को मायूस करने वाला बताया है, वहीं दूसरी ओर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इस बजट को 'भारत के विकास का सूर्योदय' बताया है।

अमिताभ कांत ने कहा कि 'ये बजट आज के परिवेश को ध्यान में रखकर को बनाया गया है, भारत की वर्तमान आवश्यकता उसका डिजटलीकरण है और उसके पर्यावरण को हरा-भरा रखे जाने की जरूरत है, यह बजट शहरीकरण, स्वच्छ बिजली, रोजगार के नये अवसरों और डिजिटल रुपयों के महत्व और बढ़ावे को प्रकट करता है। यह बजट प्रगतिशील, भविष्योन्मुखी है।'
उन्होंने आगे कहा कि 'क्रिप्टो जैसी आभासी संपत्ति पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, लेकिन इसे एक अन्य परिसंपत्ति वर्ग के रूप में माना जाएगा और पूंजीगत लाभ पर 30% का कर लगेगा। जो क्रिप्टो जैसे नए परिसंपत्ति वर्ग के लिए अच्छी बात है।'
तो वहीं मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अगर हम वास्तविक जीडीपी विकास के 8% के पथ को बनाए रखना जारी रखते हैं, तो यह 8% डॉलर की जीडीपी वृद्धि में भी तब्दील हो जाएगा। आपको बता दें कि इकोनॉमिक सर्वे में भी वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 8-8.5% की GDP ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
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तो वहीं इस बजट के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि 'ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है। ये अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य मानवी के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा, ये बजट अधिक निवेश, अधिक विकास और अधिक नौकरियों की नई संभावनाओं से भरा हुआ है। इससे ग्रीन जॉब्स का भी क्षेत्र खुलेगा जो कि आत्मनिर्भर भारत बनने की ओर एक सफल कदम होगा।'












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