'पीड़िता को बनाया गया आरोपी', महुआ मोइत्रा के मामले पर बोले BSP MP; थरूर ने किया अधीर की चिट्ठी का किया समर्थन
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 4 दिसंबर से हो रही है। पहले दिन तृणमूल की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित कैश-फॉर-क्वेश्चन मामले पर रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है। शनिवार को सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में, तृणमूल ने लोकसभा में आचार समिति पर चर्चा की मांग की गई।
बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने शनिवार को कहा कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित कैश-फॉर-क्वेश्चन जांच में पीड़िता को ही आरोपी बना दिया गया। उन्होंने महुआ मोइत्रा पर कांग्रेस के लोकसभा नेता अधीर चौधरी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि मैंने कल और आज भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। अध्यक्ष को इस मुद्दे पर गौर करना चाहिए।

बसपा सांसद ने इस तथ्य पर आपत्ति जताई कि महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में दानिश अली के बारे में कुछ टिप्पणियों का उल्लेख किया गया था। क्योंकि, जब महुआ मोइत्रा से पूछताछ की जा रही थी, तो कुछ विपक्षी सांसदों में से दानिश अली अनुचितता का हवाला देते हुए बाहर चले गए थे। लेकिन, पैनल के पास किसी अन्य सांसद पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं था। दानिश अली ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें निशाना बनाकर यह संदेश भेजा जा रहा है कि किसी भी सदस्य को सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए।
अधीर चौधरी ने स्पीकर को लिखा पत्र
अधीर चौधरी ने शनिवार को स्पीकर को पत्र लिखकर कहा कि अगर महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित किया जाता है, तो यह व्यापक प्रभाव वाली बेहद गंभीर सजा होगी। अगर मोहुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने की आचार समिति की सिफारिशों पर मीडिया की रिपोर्ट सही है, तो यह शायद लोकसभा की आचार समिति की पहली ऐसी सिफारिश होगी।
अधीर चौधरी के समर्थन में शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अधीर चौधरी का समर्थन किया। कहा कि अधीर ने महुआ मोइत्रा मामले में आचार समिति की प्रक्रिया, आचरण और निष्कर्ष के बारे में बुनियादी सवाल उठाए हैं। थरूर ने आगे यह भी कहा कि तुलनात्मक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया के अभाव में, समिति जिस रिपोर्ट को सोमवार को पेश करना चाहती है, उस पर की गई कोई भी कार्रवाई न्याय का मजाक होगी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के हित में है और किसी दिन कांग्रेस नेता को भी इसी तरह निशाना बनाया जा सकता है।
आपको बता दें कि महुआ मोइत्रा पर रिपोर्ट 4 दिसंबर को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पेश किए जाने की संभावना है। शनिवार को सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में, तृणमूल ने लोकसभा में आचार समिति पर चर्चा की मांग की।












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