अटल टनल के अंदर भी BSNL की 4G कनेक्टिविटी, 13 हजार फीट की ऊंचाई पर लगाए हाईटेक उपकरण
नई हिंदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश में नवनिर्मित अटल टनल का उद्घाटन किया था। आमतौर पर किसी भी टनल में जाने पर मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है, लेकिन इस टनल में ऐसा नहीं होगा। भारत सरकार के उपक्रम बीएसएनएल ने इस टनल को 4जी कनेक्टिविटी से लैस किया है। जिसके लिए टनल के अंदर 4जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए गए हैं। इसके जरिए टनल के अंदर भी कॉलिंग और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।

बीएसएनएल के मुताबिक उनकी टीम ने 0 डिग्री सेल्सियस तापमान में दिन-रात काम करके BTS स्थापित किया है। टनल के अंदर तीन बीटीएस को 13051 फीट की ऊंचाई पर स्थापित करना चुनौती भरा था, लेकिन उन्होंने ये कर दिखाया। टनल की जब आधारशिला रखी गई थी, तभी सरकार ने उनसे यहां पर दूरसंचार सुविधा प्रदान करने को कहा था। इसके अलावा उच्च पर्वतीय इलाके जहां पर 2जी और 3जी की सुविधा थी, वहां पर भी 4जी अपग्रेड प्लान चलाया जा रहा है।
ये है टनल की अन्य खासियत?
आपको बता दें कि 3,300 करोड़ रुपये से बनी अटल सुरंग देश की रक्षा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी लंबाई 9.02 किलोमीटर है, जिसकी वजह से मनाली से लाहौल स्पीति तक पूरे साल रोड कनेक्टिविटी रहेगी, वर्ना हर साल बर्फबारी होते ही छह महीने के लिए सड़क मार्ग से संपर्क कट जाता था। बीआरओ के मुताबिक अटल सुरंग का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किमी की दूरी पर 3,060 मीटर की ऊंचाई पर बना है, तो वहीं उत्तरी पोर्टल 3,071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक स्थित है। इसकी डिजाइन के हिसाब से इसमें से प्रतिदिन 3000 कार और 1500 ट्रक गुजर सकते हैं। भारतीय सेना भी आराम से लेह और चीन सीमा तक पहुंच सकती है।












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