अमित शाह का विमान उड़ाने के लिए फर्जी ईमेल भेजने के आरोपी BSF पायलट ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली- बीएसएफ के पायलट विंग कमांडर (रिटायर्ड) जेएस सांगवान ने सीमा सुरक्षा बल के एयर विंग से इस्तीफा देने की पेशकश की है। बता दें कि उनपर आरोप है कि उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह का विमान उड़ाने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का फर्जी इस्तेमाल किया। इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक आरोपों में जांच चल रही है। हालांकि, जानकारी के मुताबिक उनका इस्तीफा तबतक मंजूर नहीं किया जा सकता, जबतक उनके खिलाफ जारी जांच पूरी नहीं कर ली जाती। ये भी बता दें कि विंग कमांडर (रिटायर्ड) जेएस सांगवान कारगिल युद्ध में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।

बीएसएफ पायलट ने दो-दो बार भेजा इस्तीफा

बीएसएफ पायलट ने दो-दो बार भेजा इस्तीफा

बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक विंग कमांडर (रिटायर्ड) जेएस सांगवान ने सितंबर के पहले हफ्ते में ही इस्तीफे की पहली पेशकश की थी, लेकिन उसे इसलिए स्वाीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि, उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, "जब उनकी जांच लंबित है, उनके इस्तीफे पर फैसला नहीं लिया जा सकता।" बीएसएफ के दूसरे अधिकारी के मुताबिक 'आरोपी पायलट ने कुछ सवाल पूछे थे, जिसका बीएसएफ ने पूरी तरह से जवाब दे दिया है।' बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक आरोपी पायलट ने अपने स्वेच्छा से दिए इस्तीफे को 31 अक्टूबर से प्रभावी प्रभावी मानने की गुजारिश की थी। उन्होंने इस संबंध में बीएसएफ को दो बार निवेदन भेजा, पहला 2 सितंबर को और दूसरा 16 सितंबर को।

वरिष्ठ अफसरों के नाम से खुद ही भेजा था ईमेल

वरिष्ठ अफसरों के नाम से खुद ही भेजा था ईमेल

जानकारी के मुताबिक इस साल जून और जुलाई में इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन फर्म लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) को बीएसएफ के एयर विंग से लगातार कई ईमेल प्राप्त हुए थे, जिसमें विंग कमांडर (रिटायर्ड) सांगवान को एल एंड टी के विमानों को उड़ानें का मौका दिए जाने की सिफारिश की गई थी। गौरतलब है कि बीएसएफ के एयर विंग के पास ही गृहमंत्री के विमानों को उड़ाने का जिम्मा है। शिकायत के मुताबिक ईमेल में दावे किए गए थे कि सांगवान के पास विमान उड़ाने का करीब 4,000 घंटों का अनुभव है। लेकिन, जब शाह के उड़ान भरने से दो दिन पहले कंपनी ने बीएसएफ से संपर्क किया तो पता चला कि वहां से इस तरह का कोई ईमेल नहीं भेजा गया है। यहां तक कि सांगवान को को-पायलट का भी दर्जा नहीं मिला है। जांच में ये बात सामने आई कि सांगवान ने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से खुद ही एल एंड टी को अपने लिए सिफारिशी खत भेजे थे।

दो स्तरों पर हो रही है जांच

दो स्तरों पर हो रही है जांच

बता दें कि बीएसएफ के एयर विंग में तैनात रहे सांगवान कारगिल युद्ध के हीरो रह चुके हैं। जब उनके बारे में ये खुलासा हुआ कि वो फर्जीवाड़ा करके गृहमंत्री अमित शाह का विमान उड़ाने की कोशिश कर रहे थे, तब दिल्ली के डोमेस्टिक एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके अलावा बीएसएफ उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कर रहा है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक जेएस सांगवान ने भले ही स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है, लेकिन इस तबतक कबूल नहीं किया जा सकता जबतक उनके मामले की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती है। शुरुआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि शायद सांगवान अपने उड़ान के घंटे बढ़ाना चाह रहे थे ताकि उन्हें गृहमंत्री के विमान को उड़ाने का मौका मिल सके।

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