BSF कांस्टेबल लगातार 4 दिनों से पाकिस्तान की गिरफ्त में, कब तक होगी रिहाई, पत्नी ने की अब ये मांग
BSF constable Purnab Kumar Pakistan : सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के कांस्टेबल पूर्णब कुमार उर्फ पीके पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में गलती से 23 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद पाकिस्तान में चले गए थे। उसके बाद से उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में रखा हुआ है। पाकिस्तान की गिरफ्त में बीएसएफ कांस्टेबल लगातार चार दिन से हैं। पाकिस्तान उनकी रिहाई के लिए भारत के बार-बार अनुरोधों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान इस मसले को टाल रहा है।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा, "23 अप्रैल की दोपहर से ही हम पाकिस्तान की ओर से सकारात्मक कदम की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ है।'' सरकारी सूत्रों ने बताया कि ऐसी घटनाएं आमतौर पर दोनों देशों की सीमा पर होती रहती हैं। लेकिन फिलहाल पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या को लेकर भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं।

कब तक होगी BSF कांस्टेबल की पाकिस्तान के गिरफ्त से रिहाई?
बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच अब तक तीन फ्लैग मीटिंग हो चुकी है लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला है। फ्लैग मीटिंग में शामिल एक अधिकारी के मुताबिक,
''हमारी टीमें निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक झंडा फहराते हुए निर्धारित स्थान पर एकत्रित हुईं, लेकिन शुरुआत में पाकिस्तान रेंजर्स की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। बाद में दोपहर में वे आए और पूछा कि स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद बैठक का अनुरोध क्यों किया गया। उन्होंने हमें बताया कि वे अभी भी अपने वरिष्ठों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। एक बार फिर, चर्चा बिना किसी फैसले के खत्म हो गई।"
BSF कांस्टेबल की पत्नी ने कहा- सरकार मेरे पति को जल्दी भारत वापस लाए
बीएसएफ कांस्टेबल पूर्णब कुमार की पत्नी और रिश्तेदार परेशान हैं। 40 वर्षीय पूर्णब कुमार पश्चिम बंगाल हुगली के रिशरा के रहने वाले हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी, सात साल का बच्चा और उनके माता-पिता शामिल हैं।
उनकी पत्नी रजनी ने कहा,
''मेरे पति से मेरी बात बुधवार (23 अप्रैल) को हुई थी। उनके एक दोस्त ने मुझे बताया कि मेरे पति पाकिस्तान की गिरफ्त में हैं। मैं चाहती हूं कि वह जल्द ही घर लौट आएं। मैं सरकार से गुजारिश करती हूं कि उन्हें जल्द भारत वापस लाया जाए।
उनके एक पड़ोसी कृष्ण पोद्दार ने कहा,
"यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वे हमारे देश में आकर विभिन्न आतंकवादी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हम मांग करते हैं कि उन्हें (पूर्णब कुमार) किसी भी कीमत पर रिहा किया जाए। हम सरकार से भी अनुरोध करेंगे कि उन्हें किसी भी कीमत पर देश वापस लाया जाए।"
कैसे पाकिस्तानी सीमा में गए BSF कांस्टेबल?
पूर्णब कुमार 23 अप्रैल को दोपहर शून्य रेखा के पास किसानों की सहायता करते समय गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। वह एक पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे, तभी पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूर्णब कुमार31 मार्च को छुट्टी के बाद पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात अपनी बटालियन में वापस लौटे थे।
एक अन्य बीएसएफ अधिकारी ने बताया, "बाड़ केवल भारतीय क्षेत्र में ही है, जबकि वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमा को एक छोटे से खंभे से चिह्नित किया गया है, जिसे अक्सर नए कर्मियों के लिए पहचानना मुश्किल होता है।" उन्होंने कहा कि भारत अक्सर उन नागरिकों और यहां तक कि सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज देता है जो बिना किसी शत्रुतापूर्ण इरादे के गलती से सीमा पार कर जाते हैं।
यह घटना गुरुवार (24 अप्रैल) को भारत-पाकिस्तान सीमा पर कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों के ध्यान में आई और उसी दिन भारत ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कूटनीतिक कदमों की घोषणा की, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी।












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