गुरुमूर्ति को आरबीआई बोर्ड में शामिल करना गलत- सुब्रमण्यम स्वामी

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर अपनी ही पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी करने के लिए जाने जाते हैं। एक बार फिर से उन्होंने पार्टी के लिए मुश्किल खड़ा करते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त हैं, ऐसे में उन्हें आरबीआई का गवर्नर बनाया जाना आश्चर्यचकित करने वाला है। हालांकि स्वामी ने शक्तिकांत दास पर लगे आरोप के बारे में कुछ भी नहीं कहा। गौर करने वाली बात है कि पूर्व में भी स्वामी ने दास पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

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शक्तिकांत दास भ्रष्ट आदमी
एक बिजनेस स्कूल के कार्यक्रम में बोलते हुए स्वामी ने कहा कि आरबीआई के नए गवर्नर काफी भ्रष्ट हैं। मैंने उन्हें वित्त मंत्रालय से हटवाया था, मैं शक्तिकांत दास को भ्रष्ट आदमी बुलाता हूं, ऐसे में उन्हें गवर्नर के पद पर देखकर मैं आश्चर्यचकित हूं। वहीं जब स्वामी से पूछा गया कि किसे आरबीआई का गवर्नर बनाया जाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि आईआईएम बेंगलुरू के प्रोफेसर आर विद्यनाथन इस पद के लिए सही व्यक्ति हैं। प्रोफेसर आर वैद्यनाथन काफी बेहतर विकल्प हैं। वह संघ से भी काफी समय से जुड़े हैं, वह हमारे आदमी हैं। इसके साथ ही स्वामी ने कहा कि एस गुरुमूर्ति को आरबीआई बोर्ड में शामिल करना भी एक गलती थी।

चिदंबरम के मामले में किया था हस्तक्षेप
स्वामी ने कहा कि मैंने चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराया था और शक्तिकांत दास ने इसमे हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी, जिसके बाद मैंने उन्हें वित्त मंत्रालय से हटवाया था। जब शक्तिकांत दास चेन्नई में थे तो वह कई भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त थे। वहीं जब स्वामी से पूछा गया कि क्या 2019 के चुनाव में भाजपा फिर से वापसी करेगी तो उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ किसी भी तरह की नाराजगी नहीं है।

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