POCSO एक्ट के बाद भी क्यों नहीं हो रही बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी, क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट, जानिए
Brijbhushan Singh: कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बूजभूषण सिंह के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कई दिन बीत गए लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसको लेकर क्या है सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट।

Brijbhushan Singh: देश के दिग्गज पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनपर यौन उत्पीड़न का बेहद गंभीर आरोप लगा है। उनपर पोक्सो एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। मामला दर्ज हुए कई दिन हो गए, लेकिन दिल्ली पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं की है।
इनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। जबकि पोक्सो एक्ट के तहत तुरंत गिरफ्तारी की जाती है। पोक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद पुलिस पहले गिरफ्तार करती है। फिर मामले की जांच करती है। यहां तक कि इसमें पहले बेल भी नहीं मिलती है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट 2014 में अरनेश कुमार और बिहार सरकार के मामले में गाइडलाइन बनाई थी। इस गाइडलाइन का भी बृजभूषण सिंह के मामले में पालन नहीं किया गया।
आखिर कौन सा कानून है जिसके तहत बृजभूषण सिंह का बचाव किया जा रहा है। या फिर दिल्ली पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। कानून में ऐसा क्या प्रावधान है कि पोक्सो एक्ट के बाद भी पहले या तुरंत गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। आखिर पुलिस के सामने क्या मजबूरी है। कहीं उसका रसूख चेहरा तो नहीं। बृजभूषण सिंह 6 बार से सांसद हैं। साथ ही कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी हैं।
वहीं, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीरियस क्राइम में भी गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है। जब तक जांच कर रहे अधिकारी को यह न लगे कि गिरफ्तारी जरूरी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई के मामले में ऐसा कहा था। इससे कहा जा सकता है कि दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी को भी बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं लगता है। जिसके चलते वे गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं।
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क्या है पोक्सो एक्ट
बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन शोषण को रोकने के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया है। बच्चों को यौन-शोषण, यौन उत्पीड़न के खिलाफ संरक्षण के लिए यह कानून बनाया गया है। बच्चों के साथ अश्लील हरकत करना, उनके प्राइवेट पार्ट्स को छूना या बच्चों से अपने प्राइवेट पार्ट को टच करवाना, बच्चों को अश्लील फिल्म दिखाना पोक्सो एक्ट के तहत आता है। पोक्सो एक्ट का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस पहले गिरफ्तार करती है।
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