गौरी लंकेश की हत्या पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, 'उदार सोच वालों की देश में इज्जत नहीं'
देश की जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की कुछ लोगों ने गोली मारकर उनके बंगलुरू स्थित घर में हत्या कर दी गई थी। उनकी मौत पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि विरोध को कुचलने का ये तरीका काफी खतरनाक है।
मुंबई। देश की जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की कुछ लोगों ने गोली मारकर उनके बंगलुरू स्थित घर में हत्या कर दी गई थी। उनकी मौत पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि विरोध को कुचलने का ये तरीका काफी खतरनाक है। कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि देश में उदारवादी मूल्य और राय की को इज्जत ही नहीं है। न्यायाधीश एससी धर्माधिकारी और विभा कनकनवड़ी ने नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पनसारे के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते वक्त कहीं।

कार्यकर्ता और डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर और सीपीआई नेता गोविंग पनसारे के परिजनों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दोनों की हत्या के मामले में नजर रखने के लिए याचिका दाखिल की। उनकी मांग है कि कोर्ट दोनों की हत्या के मामले में चल रही जांच पर अपनी नजर रखे।
न्यायाधीश धर्माधिकारी ने कहा, 'क्या अब और लोग निशाना बनेंगे? उदारवादी मूल्यों के लिए अब कोई इज्जत ही नहीं है। और सिर्फ विचारक ही नहीं, बल्कि उदार सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे कोई मेरा विरोध कर रहा है, तो उसे रास्ते से हटा दो।' बेंच ने आगे कहा कि विरोधियों को मारने का ये ट्रेंड खतरनाक है। इससे विश्व में देश की गलत छवि पेश होगी।
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