Prateek Yadav Postmortem: 'पल्स डाउन, हार्ट स्टॉप, नाखून-शरीर नीले'– KGMU में कई राज खुले! क्या शरीर पर चोटें?
Prateek Yadav Postmortem Update: उत्तर प्रदेश की यादव सियासत एक बार फिर शोक, संदेह और सवालों के घेरे में है। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव (38) का 13 मई 2026 को सुबह अचानक निधन हो गया। उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में ब्रॉट डेड घोषित किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि जब उन्हें लाया गया, तब पल्स पूरी तरह डाउन थी, हार्ट रुक चुका था। नाखून और शरीर के कुछ हिस्से हल्के नीले पड़ गए थे, यह देखकर मेडिकल टीम सन्न रह गई।
सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे के अनुसार, प्रतीक को सुबह करीब 5:55 बजे लाया गया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) भेज दिया गया। KGMU में चार डॉक्टरों की टीम (डॉ. मौसमी सिंह सहित), फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम हुआ। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। आइए इस पूरे मामले को गहराई से समझते हैं...

पोस्टमॉर्टम में विसरा (viscera) को प्रिजर्व कर लिया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कोई स्पष्ट फाउल प्ले (Foul Play) नहीं दिखा, लेकिन मृत्यु का सटीक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। कुछ सूत्रों ने शरीर पर नीले निशान और पैर पर मामूली चोट का जिक्र किया, जबकि प्रतीक के परिवार के करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने दावा किया कि शव पर नीले निशान या चोट के निशान नहीं दिखे। यह विरोधाभास जांच को और दिलचस्प बना रहा है।
Prateek Yadav Death Timeline: सुबह दोबारा हॉस्पिटल लाए गए प्रतीक यादव, क्या-क्या हुआ? (Timeline)
रात 11-12 बजे के आसपास प्रतीक की तबीयत खराब हुई। जिम से जुड़े सर्वेश पांडेय के मुताबिक, उन्हें पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां हालत में कुछ सुधार हुआ, फिर घर ले आए गए। लेकिन सुबह फिर स्थिति बिगड़ गई।
सुबह 4:55 बजे: घर से अस्पताल को आपातकालीन कॉल।
सुबह 5:55-6:00 बजे: अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट प्रतीक को सिविल अस्पताल पहुंचाते हैं। उन्हें घर के रसोईघर में बेहोश अवस्था में पाया गया।
सुबह 7:00-7:30 बजे: डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित।
सुबह 8:00 बजे: शव KGMU Mortuary में स्थानांतरित।
सुबह 8:30 बजे: पोस्टमॉर्टम शुरू। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में 3-4 डॉक्टरों की टीम (डॉ. मौसमी सिंह सहित) ने प्रक्रिया शुरू की। पूरी पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी की गई और इससे पहले चेस्ट X-ray भी लिया गया।
अखिलेश यादव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने प्रतीक के बेडरूम को सील कर दिया है। उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप भी कब्जे में लिया गया है, जिनकी फॉरेंसिक जांच होगी।
पोस्टमॉर्टम अपडेट: डॉक्टर क्या कह रहे हैं?
KGMU में पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, लेकिन रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई। नाखून और शरीर के हिस्सों का नीला पड़ना (Cyanosis) अक्सर ऑक्सीजन की कमी या ब्लड क्लॉट संबंधी समस्याओं का संकेत होता है। विसरा प्रिजर्व करने से जहर या अन्य केमिकल टेस्ट संभव होंगे।
मुकेश बहादुर सिंह (परिवार के करीबी) ने बताया कि मैंने बॉडी को करीब से देखा। नीला पड़ना या चोट के निशान नहीं दिखे। डॉक्टर बेहतर जानते हैं, रिपोर्ट का इंतजार करें। अपर्णा यादव लगातार उनसे संपर्क में थीं और दोपहर तक लखनऊ पहुंचने वाली थीं।
Prateek Yadav Medical History: लंबी बीमारी का इतिहास
प्रतीक यादव कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। आइए एक नजर डालें...
30 अप्रैल 2026: उन्हें गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल (Medanta, लखनऊ) में भर्ती कराया गया।
वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) से पीड़ित थे, फेफड़ों में ब्लड क्लॉट बनने की गंभीर स्थिति, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों को ब्लॉक कर देता है।
तीन दिन बाद कुछ सुधार पर वे बिना औपचारिक डिस्चार्ज के घर चले गए।
कुछ रिपोर्ट्स में न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) समस्या का भी जिक्र है, जिसका इलाज वे Medanta में करा रहे थे। इसी दौरान अखिलेश यादव उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे।
फिटनेस के शौकीन प्रतीक की अचानक तबीयत बिगड़ना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है। अधूरा इलाज छोड़कर घर लौटना भी संभवतः जोखिम भरा साबित हुआ।
Prateek Yadav Bedroom Seal: प्रतीक का बेडरूम सील, अपर्णा पहुंची पोस्टमार्टम हाउस
प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उनके बेडरूम को सील कर दिया है ताकि मौके से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रखे जा सकें। इसके साथ ही पुलिस ने प्रतीक यादव का मोबाइल फोन और लैपटॉप भी अपने कब्जे में ले लिया है। अब इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच की जाएगी ताकि मौत के कारणों से जुड़ी अहम जानकारी मिल सके। बताया जा रहा है कि यूपी बीजेपी नेता Aparna Yadav फिलहाल लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, वह सीधे पोस्टमार्टम हाउस के लिए रवाना हो गईं।
Aparna Yadav कहां थीं?
मौत के समय प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव (भाजपा नेता और UP राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष) असम में थीं। खबर मिलते ही वे लखनऊ रवाना हो गईं। UP राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने अपर्णा के आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया और कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। ईश्वर परिवार को दुख सहने की शक्ति दें।'
प्रतीक यादव का असली प्यार 'फिटनेस-एनिमल्स'
प्रतीक मुलायम सिंह यादव के दूसरे विवाह से पैदा हुए छोटे बेटे थे। साधना गुप्ता उनकी मां हैं। अखिलेश यादव उनके सौतेले बड़े भाई हैं। वे सक्रिय राजनीति से दूर रहे। लीड्स यूनिवर्सिटी (UK) से पढ़ाई के बाद उन्होंने लखनऊ में फिटनेस सेंटर चलाया, रियल एस्टेट में काम किया और 'जीव आश्रय' एनजीओ के जरिए Stray Dogs की देखभाल की। 2011 में सैफई में अपर्णा बिष्ट (अब यादव) से उनकी शादी हुई थी। शादी भव्य थी। दोनों की दो बेटियां हैं।
शोक की लहर!
प्रतीक यादव का निधन एक युवा, फिटनेस प्रेमी और पशु प्रेमी व्यक्ति का दुर्भाग्यपूर्ण अंत है। यह घटना याद दिलाती है कि स्वास्थ्य की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। सोशल मीडिया युग में पर्सनल विवाद सार्वजनिक होते हैं और तनाव चुपके से शरीर को नुकसान पहुंचाता है। परिवार, खासकर बेटियों के लिए यह बड़ा सदमा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस और चिकित्सा टीम निष्पक्ष जांच कर रही है। शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना।












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