बॉम्बे हाई कोर्ट में जजों की कमी, 26 नाम अभी भी सरकार के पास लंबित
नई दिल्ली, 05 जुलाई। बॉम्बे हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति लंबे समय से लंबित है। कोर्ट में 26 जजों की नियुक्ति की सिफारिश सरकार के पास लंबे समय से लंबित है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार बॉम्बे हाई कोर्ट में कुल जितने जज होने चाहिए उसमे से तकरीबन 50 फीसदी जजों की नियुक्ति लंबित है। मौजूदा समय में बॉम्बे हाई कोर्ट में कुल 96 जजों की क्षमता है, जिसमे से सिर्फ 57 जज ही कोर्ट में हैं। इस साल कम से कम 5 जज इस साल रिटायर हो रहे हैं। 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस एनवी रमण कर रहे हैं उन्होंने सिफारिश की थी कि 10 एडवोकेट को जज के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की थी। यह लिस्ट अभी भी सरकार के पास लंबित है। सूत्रों के अनुसार हाई कोर्ट कॉलेजियम जिसके मुखिया चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता ने दो और लिस्ट को भेजा है।

पिछले साल दिसंबर माह में हाई कोर्ट ने 10 एडवोकेट को हाई कोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी। हालांकि इस लिस्ट को अभी भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास भेजा जाना है। सूत्रों के अनुसार एक वकील ने खुद को जज बनाए जाने पर अपनी सहमति देने से इनकार कर दिया है। अप्रैल माह में हाई कोर्ट ने 7 जिला कोर्ट जजों की लिस्ट को भेजा है जिन्हे हाई कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की है। इस लिस्ट को भी अभी तक सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास नहीं भेजा गया है।
सामान्य तौर पर हाई कोर्ट एक बार में एक ही बैच का सुझाव देता है, ताकि कॉलेजियम और सरकार इस लिस्ट पर विचार कर सके। बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बीपी धर्माधिकारी ने 18 एडवोकेट की लिस्ट को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वापस कर दिया था। सरकार और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम दोनों ने इस लिस्ट पर सवाल खड़ा किया था। जिस तरह से सिर्फ एक महीने के छोटे से कार्यकाल में जस्टिस धर्माधिकारी ने इन नामों की लिस्ट को भेजा था उसपर सरकार ने आपत्ति जाहिर की थी।












Click it and Unblock the Notifications