गुजरात में जीत का अंतर BJP से छीन लेगी दो राज्यसभा सीटें
नई दिल्ली। गुजरात में भाजपा ने भले ही जीत दर्ज कर ली हो लेकिन इस जीत के बाद भाजपा को राज्यसभा चुनावों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। राज्य सभा में अगले साल मार्च में 14 राज्यों के 50 से ज्यादा सदस्यों के चयन के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में पार्टी अपनी सभी सीटें बरकरार नहीं रख पाएगी। इनमें से 4 सीटें राज्य सभा की गुजरात के कोटे से हैं। 99 सीटों पर विधानसभा में जीत दर्ज करने के बाद अब 4 में से सिर्फ 2 ही सीटों पर भाजपा का कब्जा रहेगा। बाकी दो सीटें कांग्रेस के खाते में जाएंगी।

अगले साल जेटली हो रहे हैं रिटायर
अप्रैल 2018 को पार्टी के चार राज्य सभा सदस्य रिटायर हो रहे हैं। उनमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, परषोत्तम रुपाला, मनसुख मंडाविया और शंकरभाई वेगाद शामिल हैं। 180 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में 4 सीटें (36 विधायकों पर 1 राज्य सभा सीट) पर चुनाव होना है। भाजपा के पास 99 और कांग्रेस के पास 77 विधायक हैं। इस आधार पर अब दोनों ही पार्टियों को 2 सीटें राज्य सभा में मिलने जा रही हैं।

सात सीटों पर सिमट जाएगी भाजपा
इस वक्त राज्य सभा में गुजरात से 11 सांसद हैं, जिनमें से 9 भाजपा के पास हैं। बदले समीकरणों के बाद अगले साल होने वाले चुनावों में भाजपा सिमट कर 7 सीटों पर आ जाएगी। हालांकि भाजपा को इससे खाख असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी राज्य सभा के चुनाव होने हैं। दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है।

एनडीए सांसदों की संख्या 84 से बढ़कर 100 हो जाएगी
इस आधार पर यूपी से 7 और महाराष्ट्र से 2 सीटें मिलेंगी। इसके चलते उच्च सदन में अगले साल एनडीए सांसदों की संख्या 84 से बढ़कर 100 तक हो जाएगी। वहीं हिमाचल प्रदेश में सरकार में आई भाजपा अपनी एक सीट बचाने में कामयाब हो जाएगी। आपको बता दें कि इस साल राज्य सभा सांसद और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रिटायर हो रहे हैं।












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