एकलव्य खेल उत्सव के जरिये भाजपा आदिवासियों से गुरु दक्षिणा में मांगेंगी चुनावी जीत
नई दिल्ली। देश में जिस साल भी महत्वपूर्ण चुनाव होते हैं तो राजनीतिक दल हर तरह का गणित ध्यान में रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पास सालभर में उसके द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और उत्सवों का अपना वार्षिक कैलेंडर रहता है लेकिन इस बार चुनावी साल होने के चलते वो कुछ और खास करने की तैयारी में है। इस साल पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन (25 सितंबर), पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन (25 दिसंबर) और एकलव्य खेल उत्सव (25 फरवरी) खास होंगे।

बीजेपी पहले ही साल भर मनाए जाने वाले कार्यक्रमों की सूची जारी कर चुकी है लेकिन एकलव्य उत्सव और दो अन्य कार्यक्रमों पर उसका खास जोर रहने वाला है। ये कार्यक्रम पार्टी नेतृत्व द्वारा सूचीबद्ध महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है। पार्टी इस उत्सव के जरिए देशभर में उन इलाकों में खास ध्यान देना चाहती है जहां पर ज्याद संख्या में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सूत्रों ने कहा है कि अन्य कार्यक्रमों के अलावा खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करने की योजना है। देशभर में किए जाने वाले इस कार्यक्रम में कुश्ती, कबड्डी, खो-खो और कई अन्य खेल आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल दलितों और वानवासियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी बल्कि उन लोगों से भी संपर्क किया जा सकेगा जिन्हें आम तौर पर छोड़ दिया जाता है। दूसरी बात ये है कि कुश्ती, खो-खो और कबड्डी जैसे खेल आपको छुआछूत जैसी बुराइयों से दूर रखते हैं और समाज को एकजुट करने में मदद करते हैं।

इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले दो और घटनाएं महत्वपूर्ण हैं। इनमें बीजेपी के विचार पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन शामिल है, जिसे बीजेपी बड़े पैमाने पर मनाने की योजना बना रही है। हालांकि बीजेपी पहले ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शताब्दी वर्ष मना चुकी थी। इसके बाद 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करने का दिन होगा जिनका हाल ही में निधन हुआ है। 25 दिसंबर के खास कार्यक्रम के जरिए भी पार्टी वाजपेयी जी को याद करते हुए लोगों से जुड़ने की कोशिश करेगी।
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