कर्नाटक के सियासी संकट पर येदियुरप्पा बोले- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं

नई दिल्ली। कर्नाटक में जिस तरह से कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, उसके बीच कांग्रेस और भाजपा के बीचक जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस जहां भाजपा पर आरोप लगा रही है कि इन सबके पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ है, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि प्रदेश सरकार के भीतर चल रही उठापटक कांग्रेस और जेडीएस के बीच आंतरिक कलह है।

जुबानी जंग

जुबानी जंग

भाजपा ने कांग्रेस सपर हमला बोलते हुए कहा कि सिद्धारमैया नहीं चाहते हैं कि प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनी रहे। भाजपा के मीडिया हेड और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि इसपूरे संकट की वजह आंतरिक राजनीति है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि कांग्रेस और जेडीएस के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। सिद्धारमैया नहीं चाहते हैं कि कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने रहे। इस पूरे संकट की वजह दोनो ही दलों के बीच चल रही आंतरिक राजनीति है।

संकट खत्म करने की जद्दोजहद

संकट खत्म करने की जद्दोजहद

बता दें कि इससे पहले 13 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसमे तीन विधायक जेडीएस के हैं जबकि 10 कांग्रेस के विधायक हैं। इनमे सेस आनंद सिंह , रमेश जरखिहोली ने 1 जुलाई को ही इस्तीफा दे दिया था। इन विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश में गठबंधन की सरकार खतरे में है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता इस संकट को सुलझाने में लगे हैं। पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल शनिवार को ही बेंगलुरू पहुंच चुके हैं। कांग्रेस ने इस पूरे संकट के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है।

कर्नाटक में लोकतंत्र का हनन

कर्नाटक में लोकतंत्र का हनन

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विधायकों को दिन में ही लाया गया, लोकतंत्र को दिन के उजाले में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। कर्नाटक में संविधान का दिन के उजाले में हनन किया जा रहा है। मालूम हो कि कांग्रेस और जेडी-एस के विधायक शनिवार को विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा देने के लिए स्पीकर कार्यालय पहुंचे। स्पीकर से मुलाकात नहीं हो पाने के चलते विधायकों ने अपना इस्तीफा स्पीकर के सचिव को सौंप दिया। कांग्रेस के जिन विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा है, उनमें रामलिंगा रेड्डी, रमेश जर्किलोही, महेश कुमाथहल्ली, एसटी सोमशेखर, बीए बसावराज, बीसी पाटिल, प्रतापगौड़ा पाटिल और शिवराम हेबर हैं जबकि जेडीएस के एएच विश्वनाथ, के. गोपालियाह और नारायण गौड़ा का नाम शामिल है।

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