मुंबई में बीजेपी के किरीट सोमैया का टिकट कटा, शिवसेना की नाराजगी पड़ी भारी

नई दिल्ली- मुंबई से लेकर दिल्ली के संसद भवन तक बीजेपी के मुखर सांसद किरीट सोमैया को पार्टी ने जोर का झटका दे दिया है। बीजेपी ने मुंबई उत्तर पूर्व सीट से उनका टिकट काटकर मनोज कोटक को अपना उम्मीदवार बनाया है। किरीट सोमैया के अलावा बीजेपी ने मुंबई में अपने सभी सांसदों की उम्मीदवारी बरकरार रखी है। माना जा रहा है कि हाल में शिवसेना से तालमेल तक उद्धव ठाकरे के खिलाफ ज्यादा मुखर रहने के चलते ही सोमैया को अपना टिकट गंवाना पड़ा है।

सोमैया ने 'बोल्ड फेस' दिखाया

सोमैया ने 'बोल्ड फेस' दिखाया

किरीट सोमैया दो बार मुंबई से बीजेपी के टिकट पर चुने जा चुके हैं। 65 साल के सोमैया विशेष तौर पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर संसद में दस्तावेजों के साथ पार्टी की ओर से बहस में भाग लेने और अपने ठोस तर्कों के कारण चर्चित रहे हैं। वे मुंबई से पार्टी के एकमात्र सांसद हैं, जिन्हें सहयोगी दल की खुन्नस का शिकार होना पड़ा है। हालांकि एनडीटीवी के मुताबिक सोमैया ने टिकट काटे जाने की घटना को यह कहकर हल्का करने की कोशिश की है कि वे खुश हैं कि पार्टी को उनसे बेहतर उम्मीदवार मिल गया है। उन्होंने ये भी कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए किसी भी तरह का त्याग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा- "बहुत खुश हूं कि मनोज कोटक को टिकट मिला है। हम उनका समर्थन करेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे। आखिरकार हमारा लक्ष्य मोदी जी को दोबारा लाना है। पार्टी में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, इसमें कुछ भी नया नहीं है।" पार्टी के नए चेहरे मनोज कोटक म्युनिसिपल कॉर्पोरेटर हैं। हालांकि, सच्चाई ये है कि सोमैया पहले टिकट मिलने को लेकर पूरी तरह निश्चिंत थे और इसलिए हफ्तों पहले कैंपेंन मोड में भी आ चुके थे।

गठबंधन बचाने के लिए फैसला?

गठबंधन बचाने के लिए फैसला?

सोमैया की गलती यह मानी जा रही है कि उन्होंने शिवसेना के रवैये के खिलाफ हमेशा पार्टी का जोरदार बचाव किया। इसी वजह से बीजेपी नेतृत्व पर उनका टिकट काटने के लिए शिवसेना की ओर से भारी दबाव था। माना जा रहा है कि उद्धव की ओर से बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ बयानबाजी के दौरान जवाब में सोमैया की ओर से उनपर किए गए निजी हमले को भुलाने के लिए शिवसेना प्रमुख कतई तैयार नहीं हुए। जब सोमैया को लगा कि उद्धव की नाराजगी के चलते पार्टी को उनके खिलाफ कठोर निर्णय लेना पड़ सकता है,तो उन्होंने शिवसेना चीफ से मुलाकात की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने मिलने तक के लिए समय नहीं दिया। गौरतलब है कि शिवसेना के बड़े नेता तक सार्वजनिक तौर पर ऐलान कर चुके थे कि वो सौमैया को चुनाव में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

उद्धव की नाराजगी की वजह?

उद्धव की नाराजगी की वजह?

गौरतलब है कि मुंबई उत्तर पूर्व सीट से सोमैया 2014 में 3 लाख से ज्यादा वोट से जीते थे। लोकसभा चुनाव के बाद जब शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्खी बढ़ने लगी, तो सोमैया ने लगातार पार्टी के बचाव में शिवसेना और उसके सुप्रीमो को आड़े हाथों लेने की कोशिश की। 2016 में जब उद्धव ने पीएम मोदी को स्विस बैंक से ब्लैक मनी लाने के लिए भी 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने की चुनौती दी थी, तब सोमैया ने उनपर पलटवार कर कहा था कि उद्धव ठाकरे को यह साफ करना चाहिए कि क्या वे गरीबों के लिए चिंतित हैं या जिनके पास 'बक्सों में भरे पैसे' हैं, उनके लिए परेशान हैं? सोमैया ने शिवसेना प्रमुख की ओर इशारा कर ये भी कहा था कि वे बीएमसी (BMC) के माफिया और उसके बांद्रा वाले 'साहेब' का भी खुलासा करके रहेंगे। शायद सोमैया का यही रवैया उद्धव को खल गया, जिसके चलते मोदी और अमित शाह को टिकट के रूप में उनकी बलि चढ़ाई पड़ गई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+