BJP Chief: भाजपा का नया अध्यक्ष कौन होगा? सरप्राइज की जगह इस बार क्लियर कट होगा फैसला, चुनाव में देरी क्यों?
BJP President Election 2025: भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार चुनाव से पहले पार्टी जल्द ही नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार कोई बड़ा सरप्राइज नहीं होगा और चर्चा में आए नामों में से ही किसी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस बार किसी चौंकाने वाले नाम का ऐलान नहीं करेगी। भाजपा ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामों की पैनल तैयार कर ली है, बस उसपर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा 6 नामों पर गंभीरता से विचार कर रही है। इनमें शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल और विनोद तावड़े शामिल हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि असली मुकाबला शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर के बीच है।

भाजपा इस बार नहीं देगी सरप्राइज
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार किसी चौंकाने वाले नाम पर दांव नहीं लगाएगी। पार्टी का रुख साफ है कि सामाजिक समीकरण या क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए चयन नहीं होगा, बल्कि उन्हीं चेहरों में से किसी को अध्यक्ष बनाया जाएगा जिनके नाम पहले से चर्चा में हैं। यानी संभावना है कि किसी बड़े और परिचित चेहरे को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी जाएगी।
हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी वजह से बिहार चुनाव की घोषणा से पहले नया अध्यक्ष नहीं चुना जा सका, तो फिर चुनाव प्रक्रिया के बीच नहीं, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही नए अध्यक्ष का ऐलान किया जाएगा।
कब होगा भाजपा के नए अध्यक्ष का ऐलान?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद सलाह-मशविरा तेज होगा और इसके बाद अध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम तय किया जाएगा। अगर बिहार चुनाव से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया, तो यह प्रक्रिया चुनाव के बाद पूरी होगी।
कहा जा रहा है कि जल्द ही भाजपा की एक बैठक होने वाली है, जिसमें केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल, भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति और राज्यपालों के तबादले जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। रिपोर्ट ये भी है कि पितृ पक्ष के दौरान भाजपा किसी भी तरह से बदलाव नहीं करेगी। गौरतलब है कि पितृ पक्ष की अवधि 1-2 सितंबर से शुरू हो रही है। परंपरागत रूप से इस दौरान नई नियुक्तियां नहीं की जातीं। ऐसे में अगर फैसला अभी टलता है, तो पार्टी और सरकार में होने वाले बदलावों की प्रक्रिया और भी आगे खिसक सकती है।
बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव में देरी की असली वजह क्या है?
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में लगातार हो रही देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। दरअसल, पार्टी इस बार गहन मंथन और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम नाम पर मुहर लगाना चाहती है। इसी सिलसिले में आरएसएस और भाजपा नेतृत्व ने करीब 100 वरिष्ठ नेताओं से राय-मशविरा किया है।
सूत्रों के मुताबिक इनमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य और संगठन से जुड़े दिग्गज नेताओं के साथ-साथ संवैधानिक पदों पर रह चुके नेता भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 88 नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी राय ली जा चुकी है।
जहां कई नेताओं ने अपनी ओर से संभावित नाम सुझाए हैं, वहीं कुछ ने साफ कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वे उसके साथ रहेंगे। यह भी वजह है कि बीजेपी किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सर्वसम्मति और संतुलन के साथ नया अध्यक्ष चुनना चाहती है।
कौन होगा भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष? 4 प्रमुख दावेदारों की लिस्ट
🔵 1. शिवराज सिंह चौहान
6 बार लोकसभा सांसद और 4 बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज, लाडली बहना योजना जैसी बड़ी योजनाओं के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि उनके अनुभव और लोकप्रियता की वजह से वे मजबूत दावेदार हैं।
🔵 2. मनोहर लाल खट्टर
हरियाणा के पूर्व CM और मौजूदा केंद्रीय मंत्री खट्टर, पीएम मोदी के पुराने साथी माने जाते हैं। 90 के दशक से दोनों की नजदीकियां चर्चा का विषय रही हैं।
🔵 3. धर्मेंद्र प्रधान
ओडिशा से आने वाले मौजूदा शिक्षा मंत्री, संगठन और सरकार दोनों में लोकप्रिय हैं। ABVP से राजनीति शुरू करने वाले प्रधान का अनुभव भी उन्हें रेस में आगे करता है।
🔵 4. सुनील बंसल
राजस्थान से आने वाले बंसल ने यूपी चुनाव में भाजपा की जीत में अहम रोल निभाया था। फिलहाल वे ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी हैं और संगठनात्मक रणनीति में माहिर माने जाते हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा संगठन की कमान किसे सौंपती है-शिवराज सिंह चौहान का अनुभव या मनोहर लाल खट्टर का भरोसा पार्टी पर भारी पड़ता है।












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