BJP President: सीएम योगी की वजह से अध्यक्ष के नाम के ऐलान में हो रही देरी? लखनऊ में फंसा है मामला
BJP President: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के ऐलान में लगातार देरी हो रही है। अब बीजेपी का पूरा फोकस पहले नए उपराष्ट्रपति के चयन पर है। पार्टी सूत्रों के हवाले से मीडिया में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान होने में हो रही देरी की वजह दिल्ली नहीं बल्कि लखनऊ है। दरअसल बीजेपी के संविधान के मुताबिक, कम से कम 22 राज्यों और संघ-शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।
बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दोनों ही उत्तर प्रदेश को लेकर बेहद गंभीर हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी को हिंदी पट्टी के सबसे बड़े प्रदेश में बड़ा झटका लगा है। अब यूपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में संघ ने कुछ कसौटियां तय की हैं। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान होगा। बताया जा रहा है कि संघ की खास ताकीद है कि यूपी का नया प्रदेश अध्यक्ष संगठन चलाने में माहिर होना चाहिए। साथ ही, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ पूरे तालमेल के साथ काम कर सके।

BJP President: सीएम योगी की सहमति है RSS की प्राथमिकता
संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीजेपी और आरएसएस दोनों ही उत्तर प्रदेश में पार्टी और संगठन को बूथ लेवल तक मजबूत करना चाहते हैं। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। आरएसएस का मानना है कि यूपी का प्रदेश अध्यक्ष संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के गुणों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। क्षेत्रीय और जातीय समीकरण यहां अहम नहीं है। इसके लिए किसी ऐसे नाम का चयन होगा, जो पार्टी के अंदर के हर तरह के असंतोष और गुटबाजी को खत्म करे और सीएम योगी के साथ बेहतर तालमेल बनाकर चले।
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उत्तर प्रदेश के अलावा, गुजरात में भी नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाना है। गुजरात में बीजेपी के सामने कांग्रेस के अलावा तेजी से बढ़ती आम आदमी पार्टी की भी चुनौती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान से पहले इन दो प्रमुख राज्यों के संगठनात्मक चुनावों को बिना किसी विरोध और हंगामे के संपन्न कराना बीजेपी और संघ की प्राथमिकता है।
CM Yogi के साथ पीएम मोदी और भागवत की हुई है चर्चा
उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की है। इसके अलावा संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ भी उनकी लंबी चर्चा है। लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों खास तौर पर अखिलेश यादव और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि सीएम योगी को हटाया जाएगा।
हालांकि, बीजेपी हाईकमान ने हमेशा ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है। चुनाव के एक साल बीतने के बाद अब यह स्पष्ट हो चुका है कि सीएम योगी की कुर्सी पर कोई खतरा नहीं है। मौजूदा घटनाक्रम तो यही दिखा रहे हैं कि पार्टी और आरएसएस दोनों ही योगी आदित्यनाथ की पसंद को ध्यान में रखते हुए नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करना चाहते हैं।
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