दलितों को लुभाने के लिए पीएम मोदी का 'मेगा प्लान', लगाएंगे 21 हजार शिविर
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नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव को अभी एक साल ही बचा है, सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर पार्टी अपनी रणनीति तैयार कर रही है। इसी रणनीति के तहत बुधवार यानि आज पीएम मोदी एनडीए के करीब 324 सांसदों और भारतीय जनता पार्टी के करीब 1,350 से अधिक विधायकों को टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। बता दें, 11 अप्रैल को दलितों के प्रतीक और सामाजिक सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती है। भाजपा समेत सभी पार्टियां दलितों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं।

ग्राम स्वराज अभियान की शुरुआत करेगी भारतीय जनता पार्टी
नाम न बताने की शर्त पर एक भारतीय जनता पार्टी के नेता ने बताया कि बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ग्राम स्वराज अभियान की शुरुआत करेगी, जिसके तहत डोर-टू-डोर कैंपेन करेंगे। ये अभियान पांच मई तक चलेगा। इसमें भारतीय जनता पार्टी करीब बीस हजार गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगों के घर जाएंगे।

14 अप्रैल को है अम्बेडकर जयंती
वहीं, 14 अप्रैल को दलित समुदाय के प्रतीक बीआर अम्बेडकर की जयंती है और इसके लिए भी भाजपा ने दलितों को लुभाने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि अम्बेडकर जयंती के दिन करीब 21,000 से अधिक गांवों में शिविरों का आयोजन करने की योजना बनाई जा रही है। हाल की कुछ सालों में कई ऐसी घटनाएं हुई, जिनसे दलित समुदाय के लोग मोदी सरकार से खुश नहीं है। साल 2016 में दलित छात्र रोहित वेमूला की हैदराबाद में मौत के बाद दलित छात्र सड़कों पर उतरे थे। वहीं, भाजपा के कुछ दलित सांसद भी सरकार के लिए मुसीबत की वजह बन रहे हैं। भाजपा के कुछ दलित सांसदों और एनडीए सहयोगियों ने दलितों के मुद्दे पर सरकार की आलोचना की थी, जो सरकार के लिए परेशानी की वजह है।

राम विलास पासवान ने दिया था ये बयान
दलित नेता और मोदी सरकार में मंत्री राम विलास पासवान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मोदी सरकार की एक छवि बनाई गई है जो दलितों के प्रति असंवेदनशील दिखती है। इंटरव्यू में इशारों ही इशारों में राम विलास पासवान बड़ी बात कह गए।

उपवास पर बैठेंगे पीएम मोदी
दलितों को लुभाने के साथ-साथ मोदी सरकार कांग्रेस पर निशाना साधना चाहती है। गुरुवार यानि 12 अप्रैल को पीएम मोदी और अमित शाह बजट सत्र के दौरान संसद ठप होने के विरोध में उपवास पर बैठेंगे। पूरे बजट सत्र में लोकसभा में मात्र 23 प्रतिशत और राज्य सभा में 28 प्रतिशत काम हुआ। सबसे ज़्यादा खराब स्थिति दूसरे चरण में रही। इस चरण में जहां लोकसभा में 127 घंटे 45 मिनट तथा राज्यसभा में 124 घंटे का समय बर्बाद हुआ। लोकसभा में 4 प्रतिशत और राज्यसभा में 8 प्रतिशत काम ही हो सका। बता दें, इससे पहले 9 अप्रैल को कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष भी दिल्ली में जाति और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ कुछ घंटों के लिए उपवास पर बैठे थे।
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