'...कांग्रेसियों डूब मरो', निशिकांत दुबे ने ताबड़तोड़ ट्वीट कर बताया, कब-कब हुई संसद की सुरक्षा में चूक
Parliament Security Breach: 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में लगी सेंध पर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। कभी लोकसभा अध्यक्ष के इस्तीफे तो कभी प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से सवाल कर रहा है। इस बीच गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों पर हमला बोला है।
निशिकांत दुबे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि कांग्रेसियों को डूब मरना चाहिए, जो वह इस विषय पर राजनीति कर रहे हैं। बीजेपी ने कभी भी ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं की है। दुबे ने करीब 12 घटनाएं याद दिलाई, जब संसद की सुरक्षा पर इसी तरह घुसपैठ हुई थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कभी भी लोकसभा अध्यक्ष पर प्रश्न नहीं किया, क्योंकि वे संसद के सुरक्षा के एकमात्र रक्षक हैं। कांग्रेस व विपक्ष की राजनीति शर्मनाक हरकत है। आइए जानते हैं क्या बोले दुबे?

गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि 1966 हिंदू आंदोलन, 1975 इमरजेंसी, 5 मई 1994 प्रेम पाल, 24 अगस्त मोहन पाठक, 2014 कांग्रेस सांसद राजगोपाल समेत संसद में दर्शक दीर्घा से कूदने वाली 12 घटनाएं हो चुकी हैं। बीजेपी ने कभी भी लोकसभा अध्यक्ष पर प्रश्न नहीं किया, क्योंकि वे संसद के सुरक्षा के एकमात्र रक्षक हैं। कांग्रेस व विपक्ष की राजनीति शर्मनाक हरकत है।
दूसरे पोस्ट में दुबे ने कहा कि 5 मई 1994 प्रेमपाल लोकसभा के दर्शक दीर्घा से कूदकर तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव तक चला गया था। बीजेपी ने लोकसभा अध्यक्ष का इस्तीफा नहीं मांगा। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का जिक्र नहीं किया,क्योंकि संसद की सुरक्षा लोकसभा सचिवालय का अधिकार है। तत्कालीन लोकसभा के उपाध्यक्ष बीजेपी के ही मल्लिकार्जुन थे। कांग्रेस शर्म करो। घटिया राजनीति अच्छी नहीं है।
वहीं, तीसरे पोस्ट में दुबे ने कहा कि कांग्रेसियों डूब मरो, 11 अप्रैल 1974 को रतनलाल नामक शख्स संसद के दर्शक दीर्घा में पिस्तौल लेकर पहुंच गया था। बीजेपी/जनसंघ या तत्कालीन विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया। लोकसभा अध्यक्ष का इस्तीफा नहीं मांगा? प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का तो जिक्र तक नहीं किया, क्योंकि संसद की सुरक्षा केवल लोकसभा सचिवालय का है।












Click it and Unblock the Notifications