राजस्थान के चुनाव में कांग्रेस को मात देने के लिए ‘चेहरों’ का खेल खेलेगी बीजेपी
नई दिल्ली। राजस्थान में बीजेपी के लिए अपनी सरकार बचाना मुश्किल हो रहा है। पांच साल से सत्ता चला रहीं वसुंधरा राजे और उनके मंत्रियों को लेकर जनता में जबरदस्त रोष है। बीजेपी अंदरखाने इस बात से वाकिफ है इसलिए राजस्थान को लेकर पार्टी खास तरह की रणनीति बना रही है। बीजेपी राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी बनाने की फिराक में है। ताकि वसुंधरा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंस के फैक्टर को कम किया जा सके और मोदी के कद का फायदा उठाया जा सके। बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के मंत्रियों के अहंकार और भ्रष्टाचार का मुद्दा राज्य में बीजेपी की सत्ता में वापसी की संभावनाओं को कम कर रहा है। ऐसे में पार्टी इन मुदों से निपटने के लिए ये रणनीति तैयार कर रही है।

राज्य सरकार के खिलाफ गुस्सा
केंद्र से लेकर राज्य तक का बीजेपी का पूरा चुनावी तंत्र राज्य पर फोकस कर रहा है। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व को जमीनी स्तर से जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं उससे साफ है कि लोगों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ गुस्सा है, मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों का भी मामला है और जातीय समीकरण भी बीजेपी के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं।

कांग्रेस के प्लान को करेंगे फेल
असल में कांग्रेस राजस्थान चुनाव को वसुंधरा राजे के खिलाफ जनमत संग्रह में बदला चाहती है। बीजेपी के सूत्र कहते हैं कि हम ऐसा नहीं होने देंगे और इसी को देखते हुए पार्टी अपनी रणनीति और इसके क्रियान्वयन को लेकर काम कर रही है। कहा जा रहा है कि राजस्थान के नए चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस नई रणनीति पर काम कर रहे हैं और जल्द ही इसका असर बीजेपी के चुनावी अभियान में दिखने लगेगा।
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मोदी बमान राहुल से फायदा
बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि अगर राज्य में मुकाबला सचिन पायलट और वसुंधरा राजे के बीच होता है तो बीजेपी, कांग्रेस को चुनौती नहीं दे पाएगी। लेकिन अगर इसे मोदी बनाम राहुल में तबदील कर दिया जाता है तो बीजेपी के लिए राज्य में संभवनाएं बढ़ जाएंगी। ऐसा होने से वसुंधरा सरकार के खिलाफ गुस्से और चर्चा को दबाकर, बात केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर होगी और बीजेपी इसमें बाजी मार लेगी।

समुदायों पर भी नजर
राज्य में जाट, गुर्जर, राजपूत और मीणा समुदाय इन चुनावों में अहम भूमिका निभाएंगे। बीजेपी राहुल गांधी की उस बात को भी भूनान चाहती है जिसमें उन्होंने चुनाव जीतने पर सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के संकते दिए हैं। राहुल गांधी के इस संकते से अशोक गहतोल के समर्थकों और गुर्जर समुदाय में नाराजगी है। राज्य में हालात ऐसे हैं कि अगर जाट, गुर्जर, और मीणा में से किसी भी एक समुदाय को ज्यादा अहमियत मिलती है तो दूसरे दो समुदाय उसके खिलाफ खड़े हो जाएंगे। बीजेपी इस पर भी नजर बनाए हुए हैं लेकिन राज्य में उसका असल मकसद लड़ाई को नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी बनाने का है।
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