जानिए गुजरात चुनाव से पहले हार्दिक पटेल की 'कमर' तोड़ने वाला बीजेपी प्लान
प्रभावशाली पटेल समुदाय के समर्थन पर नजरें गड़ाए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात के पाटीदार बहुल इलाकों में चुनाव प्रचार शुरू किया है
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने पटेल आंदोलन की हवा निकालने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। गुजरात सरकार अब आरक्षण से वंचित जातियों के लिए आयोग बनाएगी। सरकार गैर आरक्षित जाति (सवर्ण) आयोग का गठन करेगी और इन जातियों को आरक्षण देने का रास्ता ढूंढेगी।

पाटीदारों पर मेहरबानी
आपको बता दें कि सरकार की हार्दिक पटेल और पाटीदार संगठनों के साथ बैठक हुई जिसके बाद यह ऐलान किया गया है। गुजरात सरकार सरकार पाटीदार आंदोलनकारियों के खिलाफ केसों को भी वापस लेने पर विचार कर रही है। साथ ही पाटीदार आंदोलन के दौरान मारे गए पाटीदार युवकों को और ज्यादा सहायता दी जाएगी। गुजरात सरकार आंदोलन के दौरान मारे गए 13 लोगों के परिवारों की आर्थिक मदद करेगी साथ ही उनके परिजनो को नौकरी भी दी जाएगी।

पाटीदारों पर कांग्रेस की भी है नजर
प्रभावशाली पटेल समुदाय के समर्थन पर नजरें गड़ाए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात के पाटीदार बहुल इलाकों में चुनाव प्रचार शुरू किया है। गुजरात में इस साल के अंत में चुनाव है। पाटीदार समाज के सबसे बड़े नेता के रूप में उभरे हार्दिक ने गुजरात की तीन दिन की चुनावी यात्रा पर पहुंचे राहुल गांधी के दौरे का स्वागत कर बीजेपी की खिलाफत करने का साफ संदेश दे दिया है। दो दशक से गुजरात की सत्ता से बाहर कांग्रेस भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए अपने संगठन की ताकत से इतर जातीय-सामाजिक समीकरण को साधने की शिद्धत से जरूरत महसूस कर रही है।

गुजरात में राहुल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
पटेल अपने समाज के आरक्षण के लिए बीते दो साल से आंदोलनरत है, लेकिन बीजेपी उनकी मांग को ठुकराती रही है। उनपर देशद्रोह का केस भी दर्ज किया गया और उन्हें जेल भी जानी पड़ी। ऐसे समय में जब इसी साल गुजरात में चुनाव होने वाले है हार्दिक ने कांग्रेस के समर्थन के संकेत दिए हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन के गुजरात दौरे पर है। गुजरात दौरे पर राहुल लगातार मोदी सरकार और भाजपा की आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस के अच्छे कामों का जिक्र करते हुए वो भारतीय राज नीति की खामियां भी गिनवा रहे हैं। गुजरात दौरे के दूसरे दिन वडोदरा में राहुल ने कहा कि भारत में सबसे मुश्किल काम एक ईमानदार राजनेता बनना है। उन्होंने खुद को इसका साक्षी भी बताया और कहा कि भारत में एक ईमानदार राजनेता बनना बेहद मुश्किल काम का। यहां एक ईमानदार राजनेता को सबसे ज्यादा झेलना पड़ता है। राहुल ने कहा कि उन्होंने इसका अनुभव किया है।












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