राहुल गांधी के मोहन भागवत पर बयान को लेकर भड़की BJP, कहा-'भारतीय राज्य के खिलाफ जंग की घोषणा'
कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के अवसर पर लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने एक बयान दिया। जिसने भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया। राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ लड़ाई को भारतीय राज्य के खिलाफ संघर्ष तक फैला हुआ बताया। इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसे भारतीय राज्य के खिलाफ युद्ध की घोषणा करार दिया।
राहुल गांधी का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा मत सोचिए कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। अगर आप मानते हैं कि हम भाजपा या आरएसएस नामक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप समझ नहीं पाएंगे कि क्या हो रहा है। भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम भाजपा, आरएसएस और खुद भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं। राहुल गांधी के बयान ने भाजपा नेताओं और प्रवक्ताओं को तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया।

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी के बयान पर हमला करते हुए सोशल मीडिया पर उनकी एक क्लिप साझा की। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी अब खुलेआम भारतीय राज्य के खिलाफ संघर्ष की बात कर रहे हैं। यह कांग्रेस की मंशा को उजागर करता है। जो देश की संस्थाओं और लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों के समर्थन पर निर्भर है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी गांधी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस भारतीय राज्य को कमजोर करने के उद्देश्य से काम कर रही है। यह बयान कांग्रेस और भारत विरोधी ताकतों के बीच गठजोड़ को दर्शाता है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उनका भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध अब भारत के खिलाफ विरोध में बदल गया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि राहुल गांधी का बयान जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्तपोषित एजेंडे का हिस्सा है। जिसका मकसद भारत को कमजोर करना है।
मोहन भागवत पर राहुल गांधी का निशाना
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। भागवत ने हाल ही में अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को भारत के लिए सच्ची स्वतंत्रता का क्षण बताया था। गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान हर भारतीय का अपमान है। अगर भागवत किसी अन्य देश में होते तो उन्हें इस तरह की टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया जाता। राहुल गांधी का यह बयान भाजपा-आरएसएस के खिलाफ कांग्रेस के आक्रामक रुख को दर्शाती है। जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस मुख्यालय का उद्घाटन, एक नया अध्याय
कांग्रेस पार्टी ने अपने मुख्यालय को 24 अकबर रोड से 9 कोटला मार्ग में स्थानांतरित कर दिया है। इस मौके पर राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा और आरएसएस के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने इसे न केवल राजनीतिक बल्कि वैचारिक लड़ाई बताया।
राजनीतिक विवाद की गहराई
राहुल गांधी के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच वैचारिक टकराव को और तेज कर दिया है। भाजपा ने इसे भारतीय राज्य के खिलाफ कांग्रेस की मंशा का प्रतीक बताया। जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने की लड़ाई के रूप में पेश किया है।
राहुल गांधी के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया ने भारतीय राजनीति में एक बार फिर वैचारिक विभाजन को उजागर कर दिया है। जहां कांग्रेस इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई मानती है। वहीं भाजपा इसे भारतीय राज्य और राष्ट्रीय अखंडता पर हमला करार दे रही है।












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