'ब्वायज लॉकर रूम' केस: दिल्ली HC मांगा फेसबुक, गूगल, ट्विटर और केंद्र सरकार से जवाब
नई दिल्ली। ब्वॉयज लॉकर रूम अश्लील चैटिंग का मामला बढ़ता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, फेसबुक, गूगल और ट्विटर को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में मांग की गई है कि इस तरह के ग्रुप्स को इन सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा दिए जाए ताकि स्टूडेंट्स के हितों की रक्षा की जा सके। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने इस याचिका को दायर किया था।

याचिकाकर्ता के वकील विराग गुप्ता के जरिए दायर याचिका में कहा गया है, ''नकारात्मकता, फेक न्यूज और अवैध सामग्रियों की वजह से कई युवा जिंदगियां बर्बाद हो गईं। ऐसे ग्रुप आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इन्हें रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की आजादी के संरक्षण की आवश्यकता नहीं है। ''आपको बता दें कि ब्वॉयज लॉकर रूम नाम से इस ग्रुप में करीब 17-18 साल के लड़कों ने लड़कियों से रेप करने के मैसेज और अश्लील फोटो शेयर की थीं।
हाईकोर्ट इस निर्देश से पहले सोमवार को ग्रुप पर लडकियों की बदली हुई तस्वीरों को डालने के मामले में दिल्ली पुलिस को तेजी से जांच पूरी करने का निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया कि जल्द से जल्द इस पूरे मामले की जांच पूरी कर उसकी फाइनल रिपोर्ट केस से जुड़ी निचली अदालत में प्रस्तुत करें। वहीं दिल्ली पुलिस ने याचिका के जवाब में कहा है कि साइबर सेल ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच अभी जारी है।
विस्तार से जानिए ब्वॉयज लॉकर रूम मामले के बारे में
जानकारी के मुताबिक करीब एक हफ्ते पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ब्वॉयज लॉकर रूम नाम से एक चैट ग्रुप बनाया गया था। जिस ग्रुप के दो लड़के ग्रुप एडमिन थे, इस ग्रुप के जरिए नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें साझा की जा रही थीं और उन्हें ऑब्जेक्टिफाइड किया जा रहा था। एक ट्विटर यूजर ने ग्रुप के स्क्रीन शॉट को लेकर सोशल मीडिया पर डाला जिसके बाद कई लोग हरकत में आ गए।












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