बिहार: दलाई लामा की जासूसी के शक में चीनी महिला पुलिस हिरासत में, जारी किया गया था स्केच
बिहार पुलिस ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को कथित धमकी के सिलसिले में बोधगया में संदिग्ध (चीनी) महिला को हिरासत में लिया है। महिला से पूछताछ की जा रही है।

Chinese woman suspected of spying on Dalai Lama: बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा की जासूसी करने के शक में चीनी महिला को बिहार के गया में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दलाई लामा की जासूसी के शक में गया में सुरक्षा एजेंसी एक संदिग्ध चीनी महिला की तलाश कर रही थी। इससे पहले उस महिला का स्केच जारी किया गया था।
न्यूज एजेंसी ANI को ADG (मुख्यालय) जेएस गंगवार ने बताया कि बिहार पुलिस ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को कथित धमकी के सिलसिले में बोधगया में संदिग्ध (चीनी) महिला को हिरासत में लिया है। महिला से पूछताछ की जा रही है। दलाई लामा के दौरे के बीच गुरुवार सुबह बिहार के बोधगया में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया, जिसमें पुलिस चीनी महिला की तलाश कर रही थी।
सोंग शियाओलन के रूप में पहचाने जाने वाले संदिग्ध चीनी जासूस के स्केच जारी किए गए और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए, जिसमें अधिकारियों ने लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील की थी। दलाई लामा को कथित धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाने के बाद बिहार पुलिस ने पहले महिला का एक स्केच जारी किया था। महिला के स्केच के अलावा पुलिस ने मीडिया के साथ उसका पासपोर्ट और वीजा डिटेल भी साझा किया था।
सोंग शियाओलम के रूप में पहचानी जाने वाली महिला को कालचक्र मैदान के बाहर से पुलिस ने उठाया था, जहां दलाई लामा आध्यात्मिक प्रवचन देते हैं। सूत्रों के मुताबिक महिला तलाकशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। सॉन्ग चीन वापस जाने से पहले 2019 में भारत आई थी। वह फिर भारत आ गईं, कुछ दिनों के लिए नेपाल चली गईं और फिर बिहार के बोधगया आ गईं।
पुलिस ने जारी किया बयान
बिहार पुलिस ने प्रेस नोट के जरिए बयान जारी किया, जिसमें बताया कि चीनी महिला सोंग शियाओलमके संबंध में पुलिस को यह आसूचना प्राप्त हुई कि यह अपने निर्धारित अवधि से अधिक समय से भारत में रुकी हुई हैं और वह कुछ दिनों पूर्व बोधगया में दलाई लामा की शिक्षा ग्रहण करने आई हुई है। पुलिस के द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए उपरोक्त महिला का पता किया गया जिसमें यह जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त महिला बोधगया के एक गेस्ट हाउस में विगत कुछ दिनों से रुकी हुई है। उपरोक्त महिला से हर बिन्दु पर पूछताछ किया गया तथा इनके पास उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई। उक्त महिला 19 अक्टूबर 2019 में पहली बार भारत आई। इस दौरान ये महापावन दलाई लामा की शिक्षा ग्रहण करने या आई इसके उपरांत ये जनवरी 2020 को नेपाल गई फिर पुन: 04 दिन बाद 20 जनवरी 2020 को भारत आ गई। वीजा के शर्तों के अनुसार इन्हें लगातार 90 दिनों तक ही भारत में रहने की अनुमति थी, परन्तु इनके द्वारा इस शर्त का उल्लंघन किया गया। इसका कारण पूछने पर महिला ने बताया कि ई-टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी और कोरोना के बाद वापस नहीं लौटी और भारत में सेंट्रल तिब्बत सादा एसोसिएशन मैविलासगंज, हिमाचल प्रदेश में ही रह गई। दिनांक 22.12.22 को ये महापावन दलाई लामा की शिक्षा ग्रहण करने बोधगया आई थी नियमानुसार इन्हें एफआरआरओ कोलकाता के द्वारा जीव इंडिया नोटिस जारी किया गया है और इनके वीजा को कैंसल कर दिया गया है। नियमानुसार इन्हें एफआरआरओ दिल्ली के पास डिपोर्ट करने हेतु भेजा जा रहा है।












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