Bihar News: वीयर और नहर परियोजना की समीक्षा, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 232.83 करोड़ की मडई वीर सिंचाई नहर परियोजना की समीक्षा की, जिसमें बाएं और दाएं फ्लैंक में प्रगति अलग-अलग पाई गई और मानसून की तैयारी से पहले जनशक्ति, मशीनरी बढ़ाने और त्वरित उपायों का निर्देश दिया। इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्रीय सिंचाई को बढ़ाने के लिए समय पर पूरा करने, साइट निरीक्षण और त्वरित अनुमोदन पर जोर दिया गया।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित मंडई वीयर और उससे जुड़ी दायां एवं बायां मुख्य नहर प्रणाली के निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। 232.83 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए संसाधन बढ़ाने और गति तेज करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना के विभिन्न घटकों की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि लेफ्ट एफ्लक्स बंड का 33.50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लेफ्ट हेड रेगुलेटर में 62.10 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। कररूआ डिस्ट्रीब्यूटरी का कार्य 65.55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं राइट एफ्लक्स बंड का 33.30 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। दायां मुख्य नहर (RMC) में 48.95 प्रतिशत और बायां मुख्य नहर (LMC) में 53.60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान कार्य की गुणवत्ता और गति को लेकर कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी मैनपावर और मशीनरी की कमी है, उसे तत्काल पूरा किया जाए, ताकि कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने मानसून से पहले नहर प्रणाली से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों, विशेषकर मिट्टी कार्य और लाइनिंग, को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में मिट्टी की उपलब्धता में समस्या है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाया जाए। साथ ही वरीय अधिकारियों को नियमित रूप से कार्य स्थलों का निरीक्षण करने और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, इसलिए किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने लंबित निविदा प्रक्रियाओं और तकनीकी स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।












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