हिमाचल प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा ने मारी बड़ी बाजी
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। यहां के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के रिश्तेदार ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। वीरभद्र सिंह की साली ज्योति सेन व कुछ अन्य रिश्तेदारों ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि ज्योति सेन के अलावा वीरभद्र सिंह के साले विक्रम सेन, पृथ्वी विक्रम सेन ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। ऐसे में जिस तरह से चुनाव से ठीक पहले तमाम सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ली है वह ना सिर्फ वीरभद्र सिंह बल्कि कांग्रेस की हिमाचल में मुश्किल बढ़ा सकती है।
गौरतलब है कि गुरुवार को चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया था। हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को विधानसभा का चुनाव एक चरण में होगा, जबकि 18 दिसंबर को वोटों की गिनती की जाएगी और इसका फैसला आ जाएगा। लेकिन चुनाव आयोग के इस ऐलान पर सवाल उठने लगा है क्योंकि आयोग ने हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात में चुनाव तारीखों का ऐलान नहीं किया, हालांकि आयोग ने इस बात का ऐलान किया है कि दोनों ही जगह दोनों जगह चुनाव 18 दिसंब से पहले होंगे ताकि दोनों जगह वोटों की गिनती एक साथ हो सके।
हिमाचल प्रदेश की चुनाव तारीख के साथ गुजरात की तारीखों की घोषणा नहीं करने पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है कि आखिर क्यों चुनाव आयोग ने गुजरात में चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की। आयोग पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा करते हुए खहा कि प्रधानमंत्री 16 अक्टूबर को गुजरात जाने वाले हैं, उनके इस दौरे को देखते हुए ही चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, जिससे साफ है कि आयोग दबाव में काम कर रहा है। वहीं आयोग ने इससे साफ इनकार करत हुए कहा है कि जो भी फैसला लिया गया है वह नियम के तहत लिया गया है।
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