नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक, सरकार को नोटिस जारी
नई दिल्ली, 19 जुलाई: बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में आज उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई शुरू हुई है। इसमें उन्होंने अदालत से अपनी संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाने और देशभर में उनके खिलाफ दर्ज 9 एफआईआर को एकसाथ जोड़ने की अपील की थी। इसपर अदालत ने सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि नूपुर शर्मा के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

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नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए आज सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया है कि नूपुर शर्मा के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। नूपुर ने अदालत से गुहार लगाई है कि उनपर लटक रही संभावित गिरफ्तारी की तलवार पर कोर्ट रोक लगाए और उनके खिलाफ देशभर में जो 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं, उन सब को भी एकसाथ जोड़ दिया जाए।
नूपुर शर्मा की जान पर गंभीर खतरा- वकील
इस बीच नूपुर शर्मा की ओर से अदालत में पेश हुए उनके वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट से कहा कि उनकी जान पर गंभीर खतरा है। इस मामले में आदेश पारित करते हुए कोर्ट ने सलमान चिश्ती के याचिकाकर्ता की हत्या वाले वायरल बयान पर भी संज्ञान लिया। अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया है कि यूपी के एक शख्स ने भी उनका 'सिर तन से जुदा' करने की धमकी दी है।
सभी एफआईआर दिल्ली ट्रांसफर करने की अपील
नूपुर शर्मा पर पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप है और उसकी वजह से उन्हें देशभर में गिरफ्तारी का डर सता रहा था। साथ ही उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं और यही बात उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताई है। याचिका में नूपुर की ओर से यह भी कहा गया है कि पहले सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ जिस तरह की टिप्पणियां की गईं, उसके बाद उनकी जान पर संकट और गहरा गया है। नूपुर ने कोर्ट से सभी एफआईआर को दिल्ली ट्रांसफर करने की गुहार लगाई है।
नूपुर शर्मा के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच में हो रही है। अदालत ने यह भी कहा है कि वह अपने पहले की व्यवस्था में थोड़ा सुधार करेगी और कहा, 'हम इसे कुछ हद तक ठीक कर देंगे। हम कभी नहीं चाहते थे कि आप हर अदालत में जाएं।'












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