भूटान के PM ने भारतीय निवेशकों को ईस्टर्न वेंचर्स में निवेश के लिए किया आमंत्रित, पूर्वी भूटान की लिए की पहल
Bhutan: भूटान के प्रधानमंत्री दशो छेरिंग तोबगे ने गुरुवार को भारतीय निवेशकों को भूटान में निवेश के अवसरों का पता लगाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने यह आग्रह खासकर पूर्वी भूटान के लिए किया है। उन्होंने इस क्षेत्र की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां व्यक्तिगत और साझेदारी में उद्यमों की बड़ी संभावनाएं हैं। तोबगे ने पूर्वोत्तर भारत के साथ मिलकर पूर्वी भूटान को वैश्विक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने पर जोर दिया। जिससे दोनों देशों के पर्यटन और आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सके।
प्रधानमंत्री दशो छेरिंग तोबगे ने अपने अनुभव किए साझा
असम के दर्रांगा में भारत-भूटान सीमा पर पहले एकीकृत चेक पोस्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री तोबगे ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने 1986 का एक व्यक्तिगत किस्सा सुनाते हुए बताया कि जब वह भूटान से दर्रांगा तक पर्यटकों के साथ आए थे तो भारत में प्रवेश करते समय अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार आईसीपी से अब अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भारत में प्रवेश को सुगम बनाया जा सकेगा। जिससे दोनों देशों के पर्यटन को गति मिलेगी।

भारत के साथ मिलकर होना चाहते समृद्ध
इस कार्यक्रम में भूटान सरकार के शीर्ष अधिकारी और विपक्षी नेता भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत के साथ मिलकर समृद्ध होना चाहते हैं। भूटान वर्तमान में बांग्लादेश को बोल्डर और कुछ निर्माण सामग्री का निर्यात कर रहा है और इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने पूर्वी भूटान में निवेशकों को आमंत्रित करते हुए भारतीय निवेशकों से इस क्षेत्र में स्वतंत्र और संयुक्त उद्यमों की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
भारत और भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बल
आईसीपी के उद्घाटन से भारत और भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन के बढ़ते आदान-प्रदान को बल मिलने की उम्मीद है। तोबगे ने पूर्वी भूटान और पूर्वोत्तर भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत का उपयोग करते हुए इसे एक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। जिससे वैश्विक पर्यटकों के लिए एक नया पर्यटन क्षेत्र उभर सकता है।












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