प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को बताया कमजोर तो भूपेश बघेल बोले- 'जो अपनी सीट भी नहीं जीत सकते उनको...'
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को बताया कमजोर तो भूपेश बघेल बोले- 'जो अपनी सीट भी नहीं जीत सकते उनको...'
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर: राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार (08 अक्टूबर) को लखीमपुर खीरी की घटना को आधार बनाकर कांग्रेस को कमजोर बताया है। प्रशांत किशोर के इस ट्वीट से ये साफ हो गया है कि उनके और कांग्रेस के बीच कुछ ठीक नहीं है। प्रशांत किशोर ने कहा कि कांग्रेस से उम्मीद लगाने वालों को निराशा होगी। प्रशांत किशोर के बयान पर कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। सीएम भूपेश बघेल ने अपने एक ही ट्वीट में प्रशांत किशोर और तृणमूल कांग्रेस और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा है। भूपेश बघेल ने प्रशांत किशोर के बयान का जवाब देते हुए ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हुई उनकी हार की भी याद दिलाई है।

बघेल बोले- जो अपनी सीट भी नहीं जीत सकते उनको निराशा हुई होगी
प्रशांत किशोर के बयानों का जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''जो लोग अपनी खुद की सीट भी नहीं जीत सकते हैं, वह कांग्रेसी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर के राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्हें तो निराशा हुई ही होगी। दुर्भाग्य से एक राष्ट्रीय विकल्प बनने के लिए गहरे और ठोस प्रयासों की आवश्यकता होती है। इसका कोई तात्कालिक समाधान नहीं है।''

प्रशांत किशोर ने कहा- 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी की जड़ें कमजोर...'
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को कमजोर बताते हुए ट्वीट किया, 'जो लोग या कोई पार्टी ऐसा सोच रही है कि लखीमपुर खीरी घटना के बाद जीओपी ( ग्रैंड ओल्ड पार्टी) के सारे विपक्ष की फौरन वापसी हो जाएगी, वैसे लोगों को निराशा होने वाली है। दुर्भाग्य से जीओपी (ग्रैंड ओल्ड पार्टी) की जड़ें कमजोर हैं और कमजोरी का कोई त्वरित समाधान नहीं है।''

प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की थी अटकलें
प्रशांत किशोर जुलाई 2021 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिले थे। उसके बाद से ये अटकलें लगाई जा रही थी कि प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। तब अफवाहें थीं कि कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग प्रशांत किशोर के पार्टी में शामिल होने से सहमत नहीं था। उस वक्त रिपोर्टों में कहा गया था कि प्रशांत किशोर ने सीट के उपचुनाव से पहले खुद को भवानीपुर से मतदाता के रूप में नामांकित किया था, जिसने अंतत ममता बनर्जी को अपनी सीएम सीट बनाए रखने में मदद की।












Click it and Unblock the Notifications