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भीम आर्मी में हुई बगावत, चंद्रशेखर के ऊपर लगे ये गंभीर आरोप

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नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी की दलित राजनीति में उबाल लाने की तैयारी में जुटे भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर को बड़ा झटका लगा है। आपसी झगड़ों में उलझने के बाद भीम आर्मी दो धड़ों में बंट गई है। चंद्रशेखर के ऊपर भाजपा से मिलने के आरोप लगाते हुए भीम आर्मी के ही कुछ सदस्यों ने अलग होकर 'भीम आर्मी-2' का गठन कर लिया है। भीम आर्मी-2 के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर ने गुप्त तरीके से भारतीय जनता पार्टी से समझौता कर लिया है और अब उन्हें दलितों के हितों से कोई सरोकार नहीं है।

'चंद्रशेखर से अब दलितों का मोह भंग'

'चंद्रशेखर से अब दलितों का मोह भंग'

भीम आर्मी-2 का गठन करने वाले लोकेश कटारिया और शिवजी गौतम ने कहा कि उनका संगठन दलितों के हितों के लिए काम करेगा और 2 अप्रैल के भारत बंद के दौरान जेल में बंद किए गए दलित नेताओं की रिहाई की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द जेल में बंद साथियों की रिहाई के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। लोकेश कटारिया ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने जेल में बंद दलितों के लिए एक भी कदम नहीं उठाया। यही वजह है कि चंद्रशेखर से अब दलितों का मोह भंग हो रहा है।

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'भाजपा से मिलकर बनाई भीम आर्मी-2'

'भाजपा से मिलकर बनाई भीम आर्मी-2'

वहीं, भीम आर्मी-2 के आरोपों पर जवाब देते हुए भीम आर्मी ने कहा कि चंद्रशेखर के ऊपर इस तरह के आरोप लगाना गलत है। चंद्रशेखर ने दलितों हितों से कभी समझौता नहीं किया है और ना ही करेंगे। भीम आर्मी के नेता योगेश गौतम ने कहा कि जेल में बंद दलित साथियों की रिहाई के लिए हम पहले ही 6 दिसंबर से एक बड़े आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं। योगेश ने आरोप लगाया कि इन दोनों लोगों ने भाजपा से मिलकर संगठन को कमजोर करने के लिए भीम आर्मी-2 का गठन किया है, लोग इनके बहकावे में नहीं आएंगे।

6 दिसंबर से भीम आर्मी का आंदोलन

6 दिसंबर से भीम आर्मी का आंदोलन

आपको बता दें कि भीम आर्मी ने 6 दिसंबर से एक देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए चंद्रशेखर ने बताया, 'सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में देशभर के दलितों ने बीते 2 अप्रैल को शांतिपूर्वक भारत बंद का ऐलान किया था। इस बंद के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में बेकसूर दलित नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे आरोपों में पकड़कर जेल में बंद कर दिया गया। इन लोगों का किसी भी तरह की हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था। इन सभी लोगों की रिहाई की मांग को लेकर भीम आर्मी आगामी 6 दिसबंर से देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। आंदोलन के दौरान सरकार और प्रशासन से मांग की जाएगी कि जेल में बंद बेगुनाह दलित कार्यकर्ताओं और नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए।'

चंद्रशेखर की रैली से दूर रहने के निर्देश

चंद्रशेखर की रैली से दूर रहने के निर्देश

इसके अलावा यूपी के बिजनौर में भी भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आगामी 19 नवंबर को एक बड़ी रैली करने वाले हैं। इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों को बुलाने के लिए भीम आर्मी के कार्यकर्ता काफी जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं। वहीं रैली के लिए बसपा से निष्कासित कुछ नेता भी लोगों से संपर्क करने में जुटे हैं। हालांकि रैली से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं ने दूरी बनाई हुई है। सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से दो टूक शब्दों में कहा कि बसपा का कोई भी कार्यकर्ता भीम आर्मी या चंद्रशेखर के किसी भी कार्यक्रम या रैली में शामिल ना हो। मायावती इससे पहले भी भीम आर्मी को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयान दे चुकी हैं कि उनका इस संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।

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English summary
Bhim Army of Chandrashekhar Divided in Two Parts.
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