'भारत जोड़ो यात्रा....पर पानी फेर दिया', सावरकर के मुद्दे पर संजय राउत का राहुल गांधी पर निशाना
Sanjay Raut on Rahul Gandhi about V D Savarkar: शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पार्टी के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ इसके चलते 'भारत जोड़ो यात्रा' से जो भी सकारात्मक ऊर्जा पैदा हुई थी और विश्वास जगह रह था, उस सबपर पानी फिर गया है। सावरकर को लेकर कांग्रेस नेता की ओर से महाराष्ट्र में की गई टिप्पणी से शिवसेना का उद्धव गुट बहुत ही बुरा फंस चुका है और उसकी ओर से कहा जा रहा है कि इसके चलते राज्य के विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी की एकता भी संकट में पड़ सकती है।

'सामना' के माध्यम से राहुल गांधी पर हमला
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया है कि कांग्रेस ने 'भारत जोड़ो यात्रा' से जो भी सकारात्मक ऊर्जा पैदा की थी, वह राहुल गांधी के स्वतंत्रता सेनानी विनायक वीर दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणी से पानी फिर गया है। अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के साप्ताहिक कॉलम 'रोखटोख' में राउत ने सवाल उठाया है कि राहुल गांधी ऐसे मुद्दे क्यों उठाते हैं, जो लोगों की भावनाओं से जुड़ी हैं और जिसकी वजह से बीजेपी को मुद्दों से ध्यान भटकाने का मौका मिल जाता है।
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राहुल गांधी के बयान का हो रहा है भारी विरोध
अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने हाल ही में महाराष्ट्र में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सावरकर को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का एक प्रतीक बताया था। राहुल गांधी ने इस दौरान दावा किया कि हिंदुत्व के दिवंगत विचारक ने कथित तौर पर अंग्रेजों की मदद की थी और डर के मारे उनके सामने एक दया याचिका भी रखी थी। राहुल की इस टिप्पणी का भारी विरोध हो रहा है। सावरकर पर राहुल पहले भी इस तरह के आरोप लगा चुके हैं और हर बार उन्हें इसके चलते भारी विरोध और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

सावरकर के बचाव में उतरे संजय राउत
अब संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र के माध्यम से वीर सावरकर के कदमों का बचाव किया है और राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने लिखा है, 'मैंने जेल में तीन महीने बिताए हैं। (मुंबई के) अर्थर रोड जेल में कई स्वतंत्रता सेनानी कैद थे। जेल में एक स्मारक है। एक सामान्य कैदी के रूप में जेल में एक दिन भी बिताना कठिन है।' उन्होंने आगे लिखा है, 'सावरकर ने अंडमान सेल्युलर जेल में 10 वर्ष से ज्यादा बिताए और बहुत ही मुश्किलों का सामना किया। अंग्रेजों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोपों में नहीं गिरफ्तार किया। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का मशाल जलाया था, जिसके चलते उन्हें अंडमान में सजा दी गई थी।' राउत ने कहा कि सावरकर को शर्तों के आधार पर रिहा किया गया था, जिसे दया नहीं कहा जा सकता।

गांधी जी ने भी सावरकर की रिहाई की मांग की थी- राउत
राउत ने वाईडी फड़के की एक किताब का हवाला दिया है, जिसमें सावरकर के एक पत्र के जरिए बताया गया है कि जेल से छूटने की वह एक रणनीति थी, जिसे गलती से दया मांगने की बात समझी गई। उन्होंने कहा कि यहां तक कि महात्मा गांधी ने 26 मई, 1920 को यंग इंडिया में अपने आर्टिकल में सावरकर और उनके भाई की रिहाई की मांग की थी। 1923 में कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में भी सावरकर की रिहाई का प्रस्ताव पास किया गया था। राउत ने सावरकर के ऐक्शन का बचाव करते हुए कहा कि वह यदि अंग्रेजों के खिलाफ अपने पहले के 'हिंसक तरीके' पर पछतावा जताया था तो इसे समर्पण नहीं, बल्कि रणनीति के रूप में समझा जाना चाहिए।

'राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के एजेंडे पर पानी फेर दिया'
राउत ने मौजूदा केंद्र सरकार पर तंज भी कसा है। उन्होंने कहा, 'आज कई नेता केंद्र सरकार के प्रवर्तन निदेशालय के डर से सरेंडर करते हैं, पार्टियां बदलते हैं और अपनी वफादारी बदल लेते हैं। सावरकर 10 वर्षों से ज्यादा समय तक अंडमान जेल में देश की आजादी के लिए रहे थे।' इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी पर सीधे भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा है कि सावरकर की आलोचना करना भारत जोड़ा यात्रा का एजेंडा नहीं था। वो बोले, 'सावरकर के खिलाफ बोलकर, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा से पैदा हुई सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास पर पानी फेर दिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि 8 साल से सत्ता में रहने के बाद भी बीजेपी ने सावरकर को भारत रत्न से नहीं सम्मानित किया है। उन्होंने आरएसएस के भी सावरकर के आलोचक होने का आरोप लगाया है।












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