भाजपा की जीत पर लगाया पैसा, पार्टी जीती फिर भी सटोरियों का डूबा गया पैसा
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव के नतीजे बहुत ज्यादा अप्रत्याशित नहीं रहे हैं। ये पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था कि गुजरात में भाजपा छठवीं बार सरकार बना लेगी। इसके बावजूद सट्टा बाजार में इस परिणाम ने हलचल पैदा कर दी है। दरअसल कांग्रेस पर पैसा लगाने वालों को फायदा हुआ है जबकि भाजपा पर दांव लगाने वाले सटोरिए करोड़ों रुपए हार गए हैं। इसकी वजह भाजपा की उम्मीद से कम सीटें हैं।

एग्जिट पोल के बाद भाजपा पर लगा दिया पैसा
14 दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान के बाद कई न्यूज चैनलों ने एग्जिट पोल किया। इसमें भाजपा को औसतन 130 से 135 सीटें दी गईं। जिसके बाद सट्टा बाजार में भाजपा के भाव कम हो गए और कांग्रेस के बढ़ गए। सट्टा बाजार में जिस पार्टी की हारने की आशंका होती है, उसके भाव ज्यादा होते हैं। भाजपा पर 35 का भाव तय था। भाजपा की 103 सीट से ऊपर आने पर एक लाख रुपए लगाने वाले को एक लाख 35 हजार रुपए मिलते. जबकि कांग्रेस की 76 से 78 सीट आने पर एक लाख रुपए लगाने वाले को एक लाख 35 हजार रुपए मिलते।

कांग्रेस पर पैसा लगाने वालों को फायदा
भाजपा को नतीजों के बाद 99 सीटें मिलीं। ऐसे में वे लोग अपनी रकम हार जाएंगे, जिन्होंने भाजपा पर दांव लगाया था। कांग्रेस की सीट 78 सीट आ रही हैं। कांग्रेस की इससे कम सीट आने की उम्मीद थी, ऐसे में कांग्रेस पर दांव लगाने वालों के वारे न्यारे हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव नतीजों पर देशभर में काफी पैसा लगाया गया है। गुरुवार को एक्जिट पोल होने से पहले सट्टा बाज़ार का दाम 92-94 बीजेपी के लिए चल रहा था, जबकि कांग्रेस का दाम 90-92 के आस-पास चल रहा था।

गुजरात हिमाचल में बनी भाजपा की सरकारें
गुजरात और हिमाचल प्रदेश, दोनों राज्यों में भाजपा को जीत मिली है। गुजरात में जहां भाजपा को 182 में से 99 सीटें मिली हैं, वहीं विपक्ष में 77 सीटों के साथ कांग्रेस है। हिमाचल प्रदेश की कुल 68 सीटों पर 44 पर भाजपा को, 21 पर कांग्रेस को, एक सीपीएम को जबकि दो सीट अन्य को मिली हैं।












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