Bengaluru Suburban Rail Project: लागत ₹18,000 करोड़ पार, जमीन अधिग्रहण और फंडिंग में देरी से अटका काम
Bengaluru Suburban Rail Project: बेंगलुरु के बहुप्रतीक्षित बेंगलुरु सबअर्बन रेल प्रोजेक्ट (BSRP) को लेकर नई अपडेट सामने आई है। अब इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन बढ़ाकर मार्च 2030 कर दी गई है। पहले इसे 2026-28 के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। देरी के पीछे कई तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़ी चुनौती ज़मीन अधिग्रहण रही है। रेलवे और राज्य सरकार के बीच ज़मीन ट्रांसफर तथा निजी संपत्तियों के अधिग्रहण में कानूनी अड़चनें आईं, जिससे प्रोजेक्ट की गति प्रभावित हुई। इसके अलावा, मौजूदा रेलवे ट्रैक के समानांतर नई लाइनों के निर्माण के लिए सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक को शिफ्ट करना भी एक जटिल प्रक्रिया साबित हो रहा है।

Bengaluru Suburban Rail Project: फंडिंग और टेंडर प्रक्रिया में देरी
- फंडिंग और टेंडर प्रक्रिया में भी शुरुआती देरी हुई। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों जैसे KfW और यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया लंबी रही, जिससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन आगे खिसक गई।
- BSRP के तहत कुल चार कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनकी प्रगति अलग-अलग स्तर पर है। कॉरिडोर-2, जिसे मल्लिगे लाइन (बेन्नीगानाहल्ली से चिक्काबनवाड़ा) कहा जाता है, सबसे तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
- इसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, कॉरिडोर-4 (हीलालिगे से राजनुकुंटे) पर सिविल वर्क शुरू हो चुका है और इसे 2027-28 तक पूरा किया जा सकता है।
- दूसरी ओर, कॉरिडोर-1 और 3 अभी शुरुआती चरण या टेंडरिंग प्रक्रिया में हैं, जिसके चलते पूरे 148 किलोमीटर नेटवर्क की अंतिम समय सीमा 2030 तय की गई है।
Bengaluru Suburban Rail: कर्नाटक सरकार ने आवंटित किए 500 करोड़
कर्नाटक सरकार ने बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन किया है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सिविल निर्माण और स्टेशन डेवलपमेंट में किया जाएगा। हालांकि, प्रोजेक्ट की कुल लागत अब बढ़कर ₹18,000 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह शुरुआती ₹15,767 करोड़ की कीमत से काफी ज्यादा है। इस प्रोजेक्ट के लिए आधुनिक ट्रेन कोच BEML द्वारा तैयार किए जाएंगे।
Metro Train जैसी सुविधाओं से लैस होंगी ये ट्रेन
ये ट्रेनें मेट्रो जैसी सुविधाओं, जैसे ऑटोमैटिक दरवाजे और एयर कंडीशनिंग लैस होंगी। इनकी क्षमता ज्यादा होगी ताकि लंबी दूरी के यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सके। BSRP के पूरा होने के बाद बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है और शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा। इससे भारी ट्रैफिक जाम से भी आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।












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