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Bengaluru: कन्नड़ विवाद से IT सेक्टर को क्यों है नुकसान की आशंका, किसे मिलेगा फायदा?

बेंगलुरु में कन्नड़ भाषा के नाम पर बवाल के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं, यह जानने से पहले पहले आप कुछ तथ्यों पर गौर कीजिए जो देश की आईटी राजधानी को लेकर जानना जरूरी है।

हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले बेंगलुरु में 1,400 से ज्यादा आईटी कंपनियां बताई गई हैं, जिसमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये वो लोग हैं, जो 6.3 लाख करोड़ मूल्य के सॉफ्टवेयर निर्यात में योगदान दे रहे हैं।

bengaluru boiling on kannada

बहुत विशाल है बेंगलुरु का आईटी कारोबार
इस रिपोर्ट की मानें तो अकेले भारत के सिलिकॉन वैली के नाम से मशहूर हो चुका यह आईटी महानगर देश के कुल 40% आईटी उत्पादों के निर्यात का भागीदार है। एक और रिपोर्ट कहती है कि सिर्फ ट्रैफिक समस्या की वजह से इस शहर की अर्थव्यवस्था को सालाना 20,000 करोड़ रुपए का चूना लग जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल है धमकी वाला वीडियो
अगर बेंगलुरु में भाषा के नाम पर देश के अन्य हिस्से के लोगों को तंग करने की कोशिश की गई तो किस शहर को और क्यों फायदा मिल सकता है, यह जानने से पहले वहां की एक घटना के बारे में जान लीजिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

'भारतीय हैं तो दूसरे राज्य में जा सकते हैं'
इसमें एक कन्नड़ भाषी दो लोगों से कहते सुना जा सकता है, 'प्लीज कन्नड़ सीखिए.....नहीं हम पहले कन्नड़ हैं.....अगर आप भारतीय हैं तो आप दूसरे राज्य में भी जा सकते हैं, हैदराबाद है, चेन्नई है....'।

जबकि, वे लोग कहते सुने जा सकते हैं कि हम कन्नड़ का सम्मान करते हैं और सीखने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप जबर्दस्ती नहीं कर सकते!

कर्नाटक में रहने वालों को कन्नड़ बोलना सीखना चाहिए- सिद्दारमैया
ज्यादा समय नहीं हुआ है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अक्टूबर में कहा था, 'हम सभी कन्नड़ हैं। कर्नाटक के एकीकरण के बाद से विभिन्न भाषाएं बोलने वाले लोग इस कन्नड़ भूमि पर बस गए हैं....इस राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति को कन्नड़ बोलना सीखना चाहिए।'

बैंक अधिकारियों को अल्टीमेटम तक दे चुकी है सरकार
सिद्दारमैया ने कन्नड़ को लेकर यह रवैया पहली बार नहीं दिखाया है। अपने पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने इसी तरह से कन्नड़ बोलने पर जोर दिया था। उन्होंने कन्नड़ को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी संस्था भी बनाई थी और बैंक अधिकारियों को अल्टीमेटम तक दे दिया गया था कि 6 महीने के अंदर कन्नड़ सीख लें।

बेंगलुरु के मेट्रो स्टेशनों के हिंदी नाम को बनाया जा चुका है निशाना
यही नहीं कर्नाटक में कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में ही बेंगलुरु मेट्रो स्टेशन के हिंदी नामों को निशाना बनाया गया था और उसपर काली स्याही पोत दी गई थी और टेप से कवर कर दिया गया था।

चेन्नई और हैदराबाद जाने का मतलब?
वायरल वीडियो में कन्नड़ सीखने के नाम पर दूसरों को परेशान करने वाला यह कहते हुए सुना जा रहा कि हैदराबाद या चेन्नई चले जाओ। शायद उसे इसके परिणाम का अंजादा भी नहीं है कि वह कर्नाटक और कन्नड़ लोगों की भलाई की बात कर रहा है या फिर उनके लिए जोखिम बढ़ा रहा है।

आईटी सेक्टर में रोजगार के द्वार खोले बैठा है तमिलनाडु
पिछले महीने सीआईआई के एक कार्यक्रम में तमिलनाडु के आईटी और डिजिटल सेवा मंत्री पलानिवेल थियागा राजन ने कहा था कि उनके राज्य में अकेले आईटी सेक्टर में हर महीने 10,000 अतिरिक्त रोजगार पैदा हो रहे हैं। उन्होंने इसे 25,000 महीने तक ले जाना अपनी सरकार का लक्ष्य बताया था।

हैदराबाद भी आईटी सेक्टर में जमा रहा है धाक
वहीं तेलंगाना और खासकर हैदराबाद तो अन्य कई सेक्टर के साथ-साथ आईटी सेक्टर में भी तेजी से विकास कर रहा है। राज्य में 6 लाख लोग आईटी और इससे जुड़े क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

तेलंगाना में आईटी सेक्टर की कंपनियों की संख्या अब 1,500 से पार कर चुकी हैं। इस क्षेत्र में यह राज्य राष्ट्रीय औसत से 2.21 गुनी रफ्तार से बढ़ रहा है।

आईटी सेक्टर के उत्पादों के निर्यात में यह राज्य 17.93% की रफ्तार से विकसित हो रहा है। इसके अलावा यूपी में नोएडा और हरियाणा में गुरुग्राम भी तेजी से आईटी हब के रूप में बुलंदियों को छूने लगा है।

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