Bengaluru Daycare Case: मासूमों को वॉशिंग मशीन में बंद करने वाली केयरटेकर गिरफ्तार, वायरल वीडियो ने खोली पोल
Bengaluru Daycare Case: बेंगलुरु के एक IIT पार्क के डेकेयर सेंटर में बच्चों के साथ हुई बेरहमी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी केयरटेकर विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में उसे आरोपी नंबर दो बनाया गया है। यह घटना केपजेमिनी कंपनी के HAL कैंपस में चल रहे डेकेयर सेंटर की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज की जांच के बाद केयरटेकर विजयलक्ष्मी की पहचान की गई थी। इसके तुरंत बाद ही उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उसकी कस्टडी मांगकर आगे की पूछताछ करेगी ताकि सच सामने आ सके।

इस गंभीर मामले पर कर्नाटक सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस घटना पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ ऐसा हिंसक बर्ताव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस पूरी घटना पर प्रशासन से तत्काल विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है।
प्रियांक खड़गे ने उठाय सवाल
मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि डे केयर सेंटर चलाने के लिए सरकार की एक निर्धारित मानक प्रक्रिया (SOP) होती है। सभी केंद्रों को इसका कड़ाई से पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को पूरे भरोसे के साथ इन केंद्रों में छोड़ते हैं। ऐसे में डेकेयर प्रबंधन को बच्चों की देखभाल में सबसे अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह घटना सिर्फ किसी आईटी कंपनी की छवि खराब होने तक सीमित नहीं है। ऐसी संवेदनहीन घटनाओं से पूरे बेंगलुरु शहर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में शामिल सभी दोषियों और डेकेयर प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो के आधार पर हुई गिरफ्तारी
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, विजयलक्ष्मी डे-केयर सेंटर में आया (नैनी) और केयरटेकर के तौर पर काम करती थीं। जांच के दौरान पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की। वीडियो में दिख रही महिला की पहचान विजयलक्ष्मी के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड भी मांगेगी।
आखिर क्या है पूरा मामला?
यह मामला बेंगलुरु के HAL इलाके में स्थित कैपजेमिनी कैंपस के अंदर चल रहे Little Buds Day Care से जुड़ा है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे। इन वीडियो में छोटे-छोटे बच्चों के साथ कथित तौर पर बेहद अमानवीय व्यवहार होता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। इसके बाद HAL पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत पांच केयरटेकरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
वीडियो में क्या दिखाई दिया?
वायरल वीडियो में बच्चों के साथ कथित तौर पर कई तरह की क्रूरता दिखाई गई है। आरोप है कि रोते हुए बच्चों को बाथरूम में बंद कर दिया जाता था। बच्चों पर टॉयलेट के जेट स्प्रे से पानी डाला जाता था। उन्हें डराया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि एक बच्चे को चुप कराने के लिए फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के ड्रम के अंदर बैठा दिया गया। इन वीडियो ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
कर्नाटक सरकार ने क्या कहा?
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। सरकार ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि डे-केयर सेंटर चलाने के लिए सरकार की ओर से स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाई गई है। हर सेंटर को इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
गृह मंत्री ने कहा कि माता-पिता अपने छोटे बच्चों को भरोसे के साथ डे-केयर में छोड़ते हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से सिर्फ संबंधित कंपनी की छवि ही नहीं, बल्कि 'ब्रांड बेंगलुरु' की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा है।
Whistleblower को नौकरी से निकालने का आरोप
पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि डे-केयर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने सबसे पहले बच्चों के साथ हो रही कथित क्रूरता की शिकायत की थी। लेकिन आरोप है कि शिकायत करने के बाद उसी कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया। हालांकि, इस दावे की भी जांच की जा रही है।
दूसरे कर्मचारी ने बनाया वीडियो, पहले भी मिली थी शिकायत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बाद में डे-केयर के ही एक अन्य कर्मचारी ने चोरी-छिपे बच्चों के साथ हो रही घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड किया। इन्हीं वीडियो को बाद में चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ साझा किया गया। वीडियो मिलने के बाद जांच एजेंसियों के पास पहली बार कथित घटनाओं के दृश्य सबूत पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
जिला बाल संरक्षण विभाग ने बताया कि उन्हें पहले भी डे-केयर सेंटर में कुछ गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। लेकिन उस समय उनके पास कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की गंभीरता स्पष्ट हुई और जांच शुरू की गई।
ॉयह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि जिन डे-केयर सेंटरों में माता-पिता अपने छोटे बच्चों को भरोसे के साथ छोड़ते हैं, वहां उनकी सुरक्षा और निगरानी कितनी मजबूत है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।














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