E20 Petrol पर Arvind Kejriwal का मोदी सरकार पर वार, केंद्र सरकार से पूछा- क्या देश प्रयोगशाला है?
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में बेचे जा रहे ई20 (E20) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक 'प्रयोगशाला' बन गया है। उन्होंने इस ईंधन से वाहनों को हो रहे कथित नुकसान का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने का फैसला किया है।

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए आम नागरिकों से इस मुद्दे पर उनकी राय और अनुभव मांगे हैं। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल में अधिक मात्रा में इथेनॉल मिलाने के कारण लोगों की गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो रही हैं। इसके अलावा वाहनों के स्पेयर पार्ट्स खराब हो रहे हैं और माइलेज भी काफी गिर गया है, जिससे वाहन मालिकों में भारी नाराजगी है।
क्या है ई20 ईंधन और क्यों उठ रहे हैं सवाल?
ई20 पेट्रोल वास्तव में वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार ने प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से देश भर में लागू किया है। हालांकि, केजरीवाल का आरोप है कि बिना पर्याप्त तैयारी और व्यापक टेस्टिंग के इसे जबरन थोप दिया गया है, जिससे आम आदमी को नुकसान हो रहा है।
तकनीकी जानकारों का भी मानना है कि पुराने इंजन वाले वाहनों के लिए उच्च इथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन नुकसानदेह साबित हो सकता है। इससे इंजन के कुछ हिस्सों और पाइपलाइन में संक्षारण यानी जंग लगने की समस्या आती है। केजरीवाल ने इसी व्यावहारिक पक्ष को उठाते हुए कहा है कि इस प्रयोग से मध्यम वर्ग और गरीब वाहन चालकों पर मरम्मत का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
चिट्ठी लिखने के लिए केजरीवाल ने मांगी जनता की राय
इस समस्या पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजने से पहले केजरीवाल ने सीधे जनता से संवाद स्थापित किया है। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कमेंट करने या सीधे डायरेक्ट मैसेज (DM) भेजने की अपील की है। केजरीवाल चाहते हैं कि देश के लोग उन्हें अपनी परेशानियां बताएं ताकि वह उन्हें प्रधानमंत्री को लिखे जाने वाले पत्र में शामिल कर सकें।
आप मुखिया का यह कदम इस मुद्दे को सीधे तौर पर आम लोगों की जेब से जोड़ने की कोशिश माना जा रहा है। अब देखना यह है कि इस अभियान के तहत अरविंद केजरीवाल को नागरिकों से किस तरह का फीडबैक मिलता है और इस चिट्ठी पर केंद्र सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है।












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