ओवैसी के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद कहने वाली लड़की को कोर्ट ने बेल देने से किया इनकार, कहा-हो सकती है फरार
बेंगलुरु। हैदराबाद के सांसद और एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाली अमू्ल्या लियोना को कोर्ट ने बेल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने बेल ना देने के पीछे कारण बताया कि, अगर उसे रिहा कर दिया तो वह फरार हो जाएगी। इसी साल 20 फरवरी को बेंगलुरु में आयोजित एक सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान अमूल्या ने एक भाषण देने के पहले पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे।

बुधवार इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर अमूल्या को बेल दी गई तो वो इसी तरह की गतिविधियों में फिर से शामिल हो सकती हैं जो बड़े स्तर पर शांति के लिए खतरा है। उसकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए सेशन जज विद्याधर शिरहट्टी ने अपने आदेश में कहा, अगर याचिकाकर्ता को जमानत दी जाती है, तो वह फरार हो सकती है। इसलिए, याचिकाकर्ता की जमानत याचिका खारिज की जाती है।
पुलिस ने अमूल्य को राजद्रोह के आरोपों में और समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है, हालांकि उसके दोस्तों ने दावा किया कि वह पाकिस्तान और भारत सहित सभी देशों के नाम पर जिंदाबाद बोलकर सार्वभौमिक मानवता का संदेश देने की कोशिश कर रही थीं। इससे पहले लॉकडाउन की वजह से अमूल्या की बेल बीते कुछ महीने में नहीं मिल पाई थी। भारत में 24 मार्च को सख्त लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी जिसके बाद कोर्ट की कार्यवाही भी रुक गई थी।
सरकारी वकील ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि अमूल्या पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही थीं। इससे पहले भी अमूल्या ऐसा कर चुकी हैं जिससे दो धर्मों के बीच वैमनस्यता पैदा होने का खतरा है। वीडियो क्लिप के मुताबिक पाकिस्तान जिंदाबाद कहने के तुरंत बाद ही उन्होंने हिंदुस्तान जिंदाबाद भी कहा था। उन्होंने कहा था कि आखिरकार सभी देश एक ही हैं। उन्हें भाषण पूरा नहीं करने दिया गया था क्योंकि आयोजक पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा सुनकर तुरंत हरकत में आ गए थे।












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