Bengal election:अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा नरुला के खिलाफ क्या है मामला, जिसपर CBI ने की है पूछताछ

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही वहां की सत्ता के पावर हाउस में सीबीआई की एंट्री ने सियासी फिजा को बेहद गर्म कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गैर-कानूनी कोयला खनन और उसकी तस्करी के मामले में बंगाल की सत्ता के सर्वोच्च केंद्र पर सीधे दबिश दे दी है। एजेंसी ने इस मामले में आज राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी उर्फ रुजिरा नरुला से तकरीबन डेढ़ घंटे तक पूछताछ की है। अभिषेक बंगाल की सत्ता और सत्ताधारी पार्टी टीएमसी में अघोषित नंबर दो की हैसियत वाले नेता माने जाते हैं। केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व प्रदेश में बुआ-भतीजे की इसी जोड़ी को अपने सियासी प्रहार का मुख्य केंद्र बनाए हुए है।

सीएम ममता के परिवार तक कोयले की कालिख ?

सीएम ममता के परिवार तक कोयले की कालिख ?

बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी इसबार अभी नहीं तो कभी नहीं के अंदाज वाली राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है। यह पार्टी वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति को देश में भ्रष्टाचार का मूल जड़ मानती है। जिस भी पार्टी पर किसी खास परिवार का दबदबा कायम रहता है और वह बीजेपी की विरोधी है तो पार्टी उसपर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूकती है। बंगाल में बुआ ममता और भतीजे अभिषेक भी अपवाद नहीं हैं। पार्टी ने तो 'पीशी जाओ' (बुआ जाओ) के बोल वाला एक प्रचार गाना भी लॉन्च किया है। इसी दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन ने पिछले साल बंगाल में हुए कोयला तस्करी और अवैध खनन की छानबीन तेज कर दी है, जिसकी 'कालिख' मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों तक पहुंचने की भाजपा आरोप लगाती रही है।

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    कब सामने आया कोयला तस्करी का मामला ?

    कब सामने आया कोयला तस्करी का मामला ?

    यह मामला पिछले साल मई में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उजागर हुआ था। यह मामला बंगाल के कोयलांचल इलाके के आसनसोल और रानीगंज कोलबेल्ट का है। इस क्षेत्र में कई कोयलियरी हैं, जिनमें से कई का संचालन ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) करती है। यह कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईए) के अधीन है और यह झारखंड और बंगाल के कोयला खदानों में कोयला खनन का काम करती है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान ही ईसीएल के विजिलेंस डिपार्टमेंट को पता चला कि आसनसोल और रानीगंज इलाके में कोयले की अवैध खनन और उसे चोर बाजार में बेचने के काम में कई कोल माइंस गैंग सक्रिय हैं। (ऊपर की तस्वीर सांकेतिक)

    कोयला तस्करी के एक आरोपी का अभिषेक बनर्जी से जुड़ा है नाम ?

    कोयला तस्करी के एक आरोपी का अभिषेक बनर्जी से जुड़ा है नाम ?

    जिन खदानों से कोयला निकालकर उसकी अवैध तस्करी की जा रही थी, उन्हें ईसीएल ने असुरक्षित घोषित करके ऑपरेशन बंद कर रखा था। आरोपों के मुताबिक कोयला तस्करों ने मौके का फायदा उठाकर बंगाल, बिहार और झारखंड से सस्ते मजदूर मंगवाकर खतरनाक घोषित हो चुके इन खदानों से कोयला निकालकर अपने नेटवर्क के जरिए खुले बाजार में बेचने का खेल चला रखा था। नवंबर, 2020 में सीबीआई ने इस मामले को हाथ में लिया और एफआईआर दर्ज करके तहकीकात शुरू कर दी। इस कोयला घोटाले में सीबीआई ने करीब आधार दर्जन लोगों का नाम दर्ज किया है। इस मामले के एक प्रमुख आरोपी की पहचान विनय मिश्रा के तौर पर की गई है जो कि कथित तौर पर टीएमसी का सदस्य है और कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वह अभिषेक बनर्जी की टीम में काम कर चुका है। फिलहाल वह फरार है। इस केस के मुख्य आरोपी के तौर पर अनूप मांझी की पहचान हुई है, जो तस्करों के नेटवर्क में लाला के नाम से कुख्यात है।

    रुजिरा बनर्जी पर क्या है मामला ?

    रुजिरा बनर्जी पर क्या है मामला ?

    सीबीआई को संदेह है कि रुजिरा बनर्जी और उनकी बहन के बैंक एकाउंट का इस्तेमाल इस कोयला तस्करी के लिए किया गया हो सकता है। इस मामले में एजेंसी अभिषेक की साली मेनका गंभीर से सोमवार को ही पूछताछ कर चुकी है। जबकि, उनकी बीवी नरुला को उसने पहले पूछताछ के लिए समन भेजा था, जिसपर वो मंगलवार को पूछताछ के लिए तैयार हुई थीं। वैसे चुनावी सियासत के नजरिए से देखें तो कुछ दिन पहले ही टीएमसी प्रमुख ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती दी थी कि पहले वो उनके भतीजे से लड़कर दिखाएं, फिर उन्हें चुनौती देने की कोशिश करें। ममता की यह प्रतिक्रिया भाजपा नेताओं की ओर से बुआ-भतीजे की सरकार में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने के आरोपों के बाद आई थी।

    अभिषेक बनर्जी ने किया है आरोपों से इनकार

    अभिषेक बनर्जी ने किया है आरोपों से इनकार

    इससे पहले टीएमसी सरकार छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए सीएम के लेफ्टहैंड कहलाने वाले सुवेंदु अधिकारी ने कहा था, 'सभी जानते हैं कि उगाही करने वाले इस भाइपो (अभिषेक बनर्जी) के घर में लाला के जरिए कितने पैसे पहुंचे हैं। सभी जानते हैं कि मैडम नरुला (अभिषेक की पत्नी और सीएम की बहू) कौन हैं और किसने थाईलैंड के बैंकों में पैसा रखा हुआ है। सत्ता का बेजा इस्तेमाल होता रहा और हम कार्रवाई चाहते हैं।' हालांकि, अभिषेक भाजपा पर उनकी पत्नी को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने थाईलैंड में उनकी पत्नी के बैंक एकाउंट होने से भी इनकार किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, 'अगर वो सोचते हैं कि इस तरह से हमें डरा देंगे तो वह गलत समझते हैं। हम वो नहीं हैं, जो इस तरह से हथियार डाल दें।'

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