Bengal Election: अमित शाह के इवेंट में हंगामे पर चुनाव आयोग सख्त, कोलकाता DCP समेत 5 पुलिसवाले सस्पेंड
Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच 1 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास हुए तनाव के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग (ECI) ने कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है, जिनमें एक डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। बंगाल में चुनावी सभाओं के दौरान हंगामे की कई घटनाएं हुई हैं।
यह कार्रवाई 2 अप्रैल को अलीपुर के सर्वे बिल्डिंग के बाहर हुई उस घटना से जुड़ी है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने अमित शाह की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आई थी, जिसे आयोग ने गंभीरता से लिया है।

Bengal Election: आयोग ने 4 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
निलंबित अधिकारियों में सिद्धार्थ दत्ता (DCP-II, दक्षिण संभाग), प्रियंकर चक्रवर्ती (ओसी, अलीपुर थाना), चंडी चरण बनर्जी (अतिरिक्त ओसी, अलीपुर थाना) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट) शामिल हैं। आयोग ने इन सभी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में चुनाव को देखते हुए आयोग ने पहले भी पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
Amit Shah की सभा में हुआ था हंगामा
चुनाव आयोग ने यह सख्ती गृहमंत्री अमित शाह की सभा में हुए हंगामे के बाद दिखाई बै। राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए और 5 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट भेजी जाए। साथ ही, जिन पदों पर अधिकारी निलंबित हुए हैं, उन्हें भरने के लिए तुरंत प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया है। इस बीच, भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर अमित शाह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद थे। अधिकारी इस बार भवानीपुर के साथ-साथ नंदीग्राम सीट से भी चुनाव मैदान में हैं।
मालदा हिंसा मामले की भी जांच जारी
इस बीच, एनआईए (NIA) ने मालदा हिंसा मामले की जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने दूसरे दिन भी इलाके का दौरा किया, वीडियो सबूत जुटाए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, NIA ने देर रात कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की और जिला प्रशासन की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। मामले में एक और कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस ने जिबंतला क्षेत्र की देउली-I ग्राम पंचायत के प्रधान हाफिजुल मोल्ला को कथित भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) के आरोप में गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है और प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ती दिख रही है।












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