Bengal Election 2026: बंगाल ने इस बार बीजेपी निकालेगी रथ यात्रा, होली के बाद पीएम मोदी की महारैली
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसबा चुनाव में अब बहुत कम वक्त बचा है। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में आयोग की ओर से वोटिंग और रिजल्ट का शेड्यूल जारी किया जा सकता है। राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी के लिए बंगाल जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। रैली की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन होली के बाद इसके औपचारिक ऐलान की चर्चा है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि इसी अवधि में चुनाव आयोग भी विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की रैली को चुनावी बिगुल के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का लक्ष्य इस मेगा इवेंट के जरिए राज्यभर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करना है।

Bengal Election 2026: पीएम मोदी की रैली से पहले रथ यात्रा
पीएम मोदी की मेगा रैली से पहले बीजेपी की राज्य इकाई विभिन्न संगठनात्मक जिलों में 'रथ यात्राएं' निकालने की तैयारी में है। इन यात्राओं का उद्देश्य गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर लोगों को कोलकाता रैली के बारे में जानकारी देना और जनसमर्थन जुटाना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी महीने के अंत तक पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना है। बताया जा रहा है कि उनका कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल से जुड़े आधिकारिक आयोजन के तहत होगा, हालांकि वे पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक भी कर सकते हैं।
Bengal Chunav Update: बीजेपी में हाई लेवल मीटिंग का दौर
उम्मीदवार चयन को लेकर भी मंथन जारी है। बीजेपी राज्य नेतृत्व 294 विधानसभा सीटों के लिए नामों की अंतिम सूची तैयार कर रहा है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इस बार रणनीति के तहत प्रत्येक सीट के लिए दो अलग-अलग पैनल तैयार किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए एक में प्राथमिकता वाले तीन नाम और दूसरे में वैकल्पिक नाम शामिल होंगे।
जमीनी स्तर पर काम करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है, जबकि चर्चित चेहरों को सीमित महत्व दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, प्रस्तावित रैली और संगठनात्मक गतिविधियां चुनाव से पहले राज्य की सियासी दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती हैं।












Click it and Unblock the Notifications