Begusarai Lok Sabha: सांसद गिरिराज से कई संगठन के लोग ख़फ़ा, अपने भी हुए नाराज़, जानिए क्या है माहौल
Begusarai Lok Sabha Ground Report: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बिहार में राजनीतिक पार्टियों की सक्रियता बढ़ गई है। मतदाताओं को लुभाने के लिए सियासी दल विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रही है। लोकसभा चुनाव 2024 का क्या माहौल है?, जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट लेने पहुंची। इस दौरान मतदाताओं के मूड खंगालने की कोशिश की।
वन इंडिया हिंदी टीम से बात करते हुए मतदाताओं ने स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह के प्रति काफी नाराज़गी ज़ाहिर की। विभिन्न संगठनों के लोग तो ख़फ़ा है हीं, इसके साथ ही उनके अपने लोग भी नाराज़ हैं। वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए राष्ट्री स्वयं सेवक संघ के सदस्य विनोद (बाबा) ने काफी नाराज़गी ज़ाहिर की।

विनोद (बाबा) ने कहा कि बेगूसराय की जनता ने भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी के नाम पर गिरिराज सिंह को वोट दिया था। जिला की जनता को ये उम्मीदें थीं कि भाजपा के आने से संसदीय क्षेत्र का विकास होगा। इसलिए अपने ज़िला के उम्मीदवार कन्हैया को वोट नहीं करते हुए गिरिराज सिंह को जिताया।
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सांसद गिरिराज सिंह ने अपनी छवि तो ख़राब कर ही दी, इसके साथ ही भाजपा को भी धुमिल कर दिया। उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह कमीशनखोरी पर ध्यान देने लगे। एक समय था जब उनकी संपत्ति 1 करोड़ की भी नहीं होगी, उस वक्त 9 करोड़ रुपये उनके ठिकाने से बरामद हुआ। तो ये कैसे संभव है कि जिसकी आय 9 रुपये हो और उसके पास 900 की संपत्ति आ जाए।
विनोद (बाबा) ने एक पुरानी घटना का ज़िक्र करते हुए बताया कि गिरिराज सिंह, बिहार के पशुपालन मंत्री हुआ करते थे। एक बार हमने देखा कि ऊंटों का झुंड गुज़र रहा है। तो इस बारे में जानने की कोशिश की कि आखिर यह ऊंट जा कहां रहा है। पूरे मामले की तफ्तीश शुरू की और इसकी पड़ताल में जुट गया।
ऊंट के झुंड का पीछा करते-करते गया तो देखा कि किशनगंज की तरफ़ से बॉर्डर के रास्ते बंग्लादेश की तरफ़ ले जाया रहा था। मेरी जान को वहां ख़तरा भी था लेकिन बीएसएफ के जवान की वजह से बच गया। इसके बाद जब मैं वापिस अपने स्थान पर पहुंचा तो देखा कि ऊंट का झुंड फिर से जा रहा है।
मैंने 89 ऊंटों को रोक लिया, गिरिराज सिंह को फोन किया कि ऊंट को बिहार किस तरह से लाया गया है। ये ऊंटों का झुंड कहां जाता है, इसकी जांच होनी चाहिए। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि बहुत अच्छी बात है आप ऊंटों को पकड़ कर रखें। हम आपके पास आ रहे हैं, इसके बाद इंतज़ार करते रहे लेकिन वह नहीं आया।
ऊंटों को छोड़ने के लिए कई धमकी भरे कॉल मिले, यहां तक की ऊंटों के मालिक ने कॉल कर कहा कि आप चार पांच ऊंट रख लें। अपना अकाउंट नंबर भेजें, आपको खुश कर दिया जाएगा। लेकिन हमने उसकी बात नहीं मानी। जिला प्रशासन की प्रक्रिया के मुताबिक फिर ऊंटों को ले जाया गया।
मैंने तो ऊंटों के मालिक से पैसा नहीं लिया, लेकिन गिरिराज सिंह कितने रुपये लेकर खुश हुए होंगे। यह बात वहीं बेहतर जानते होंगे। चूंकी हमलोग आरएसएस से जुड़े हुए हैं, इसलिए मजबूरी है कि भाजपा को वोट देना है, लेकिन अगर विकास कार्यों की बात करें तो गिरिराज सिंह ने कुछ नहीं किया है। पीएम मोदी और भाजपा को उन्होंने नाम ख़राब किया है। उनकी वजह से अब बेगूसराय में ऐसा माहौल हो गया है कि साफ छवि के उम्मीदवार को भी जीतना मुश्किल हो जाएगा।
राजीव चौधरी (किसान नेता, जिला उपाध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा) ने कहा कि सांसद गिरिराज सिंह ने पूरी पार्टी की छवि ख़राब कर दी है। विकास कार्यों की बात करने के लिए उनके पास वक्त नहीं है। हिंदू-मुस्लिम करने के लिए बेताब रहते हैं। बेगूसराय क्या वह पूरे भारत में किसी क्षेत्र से चुनाव लड़ाने लायक उम्मीदवार नहीं है। बेगूसराय क्या वह कहीं से भी नहीं जीतेंगे।












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