बार्ज पी 305 हादसा: क्या क्रू के मदद की अपील को ONGC ने किया था अनदेखा, सामने आया चौंकाने वाला ई-मेल
नई दिल्ली, मई 26: मुम्बई के समुद्री तट से लगभग 65 किलोमीटर दूर (35 नॉटिकल माइल) पर ओएनजीसी के कर्मचारियों को रहने के लिए तैनात किया गया बार्ज पी 305 चक्रवाती तूफान तौकते की चपेट में आकर डूब गया है। इस हादसे में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई है। अब इस हादसे के पीछे बार्ज पी वोट के कैप्टन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। अब इस हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या ओएनजीसी ने समुद्र में चक्रवात की चेतावनी देने वाली मौसम रिपोर्ट की अनदेखी की? क्या इसने उस ई-मेल का जवाब दिया जो अधिकारियों को मदद मांगने के लिए भेजा था।

कई लोगों का मानना है कि अगर जहाज किनारे पर चला गया होता तो कई लोगों की जान बच जाती। इस हादसे में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हीरा फील्ड के डेक अधिकारी आईआरएस सचिंद्र प्रसाद सिंह ने 14 मई 2021 की सुबह 9:28 बजे एक मेल भेजा था। इस ई-मेल के सब्जेक्ट में Disturbance Issued for cyclone from लिखा गया था, साथ ही चक्रवाती चेतावनी को देखते हुए उचित कार्रवाई के लिए अनुरोध की गई थी।
इस ई मेल में कहा गया, 'मौसम रिपोर्ट (40-50 समुद्री मील) में तेज हवा की स्पीड दर्ज की गई है और 7-9 बजे तक पहुंचने की संभावना है। इन चरम पर्यावरणीय परिस्थितियों और इस पर बार्ज मास्टर के साथ आगे की चर्चा के आधार पर उन्होंने कहा कि उन्हें लंगर डालने और प्लेटफॉर्म से सुरक्षित दूरी पर जाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि संबंधित पक्षों को उचित कार्रवाई करने और सभी कर्मियों तथा संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन और निर्देश दें।
दैनिक रिपोर्ट से पता चलता है कि चक्रवात के आने से एक दिन पहले भी बार्ज एचटी प्लेटफॉर्म से महज 175 मीटर दूर था। यहां कुछ रिमार्क भी भेजे गए। अंतिम 24 घंटों के लिए 'चक्रवाती गतिविधि तौकते के कारण स्टैंडबाय। बार्ज एचटी प्लेटफॉर्म से महज 175 मीटर दूर। मौसम सामान्य होने का इंतजार है। पिछले 24 घंटों की गतिविधि कॉलम पढ़ें. 'संतुलन गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए मौसम के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
बोर्ड पर मैकेनिकल इंजीनियर सौरव जैन अभी भी लापता हैं। उनकी पत्नी का आरोप है कि सभी संबंधित एजेंसियों को खतरे और चेतावनियों के बारे में पता था, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बोर्ड पी 305 पर चीफ इंजीनियर रहमान शेख के भाई आलम शेख का कहना है कि जांच से सभी डिटेल सामने आएंगे। समुद्र में बार्ज को रखने के लिए एजेंसियों का सामूहिक फैसला था। सवाल यह है कि उन्हें ऐसा करने की क्या जरूरत थी। हालांकि इन सबके बीच ओएनजीसी ने इस प्रकरण पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।












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