जाकिर नाइक की इस्लामिक संस्था होगी बैन, सरकार ने रखा प्रस्ताव
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को बैन करने का प्रस्ताव रखा है। कानून मंत्रालय ने जाकिर की संस्था को यूएपीए एक्ट के तहत बैन करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को दिया है।

गृह मंत्रालय के पास प्रस्ताव
गृहमंत्रालय अब इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और अगर ऐसा होता है तो फिर जाकिर नाइक की संस्था को पांच वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। पांच वर्ष का बैन पूरा होने के बाद इसका रिव्यू होगा और फिर अगर सरकार को लगा तो बैन आगे बढ़ाया जाएगा।
तो फिर जाकिर पर भी कसेगा शिंकजा!
- अगर जाकिर की संस्था बैन हुई तो फिर इसके सभी सदस्य भी गैर कानूनी एक्टिविटीज के तहत आएंगें।
- बैन लगने के बाद आईआरएफ किसी भी तरह की मीटिंग यर फिर फंड कलेक्शन का काम नहीं कर सकेगी।
- कानूनइ मंत्रालय ने बैन के पीछे वर्ष 2005 और 2012 में संस्था के खिलाफ दर्ज हुए केस का हवाला दिया है।
- कानून मंत्रालय कई जांच एजेंसियों की ओर से जाकिर नाइक की स्पीच पर तैयार रिपोर्ट्स का अध्ययन कर रहा है।
- रिपोर्ट्स का मानना है कि जाकिर की कई स्पीच ने आतंकियों पर अपना गहरा प्रभाव छोड़ा है जिसमें ढाका आतंकी हमला ताजा उदाहरण है।
- गृह मंत्रालय ने अगर बैन का फैसला किया तो फिर मामला अदालत में जा सकता है।
- सारी दलीलों को सुनने के बाद अदालत बैन पर अपना फाइनल और अंतिम निर्णय देगी।












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