भारत में यह मुस्लिम परिवार है 'दिल से अमीर', हर दिन दान कर देता है 27 करोड़ रुपए, जानें कहां से आते इतने पैसे?
Azim Premji Donation: आपके पास पैसे कितने हैं? इस बात से ज्यादा मायने यह रखता है कि आप दिल से कितने अमीर हैं? इस मामले में भारत का सबसे अमीर मुस्लिम परिवार की पहचान सबसे जुदा है। हम बात कर रहे हैं भारत के शीर्ष औद्योगिक घराने 'प्रेमजी परिवार' की। हिंदुस्तान का यह मुस्लिम परिवार देश का सबसे बड़ा दानवीर है।
प्रेमजी परिवार के रोजाना का दान 27 करोड़ रुपए (Azim Premji Family Donation Per Day 27 Crores )
प्रेमजी परिवार 3 पीढ़ियों से देश के बिजनेस जगत में पहचान बनाए हुए है। यह परिवार न केवल व्यापार में सफलता की मिसाल है, बल्कि अपनी दरियादिली और समाजसेवा के लिए भी प्रसिद्ध है। आईटी कंपनी विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी इस परिवार के मुखिया हैं और भारत के सबसे अमीर मुस्लिम बिजनेसमैन माने जाते हैं। उनके परिवार की दान देने की परंपरा भी काबिले तारीफ है। कहा जा रहा है कि प्रेमजी का परिवार रोजाना करीब 27 करोड़ रुपये का दान करता है।

अजमी प्रेमजी के पिता ने ठुकराया पाकिस्तान आने का न्योता
अजीम प्रेमजी का जन्म 1945 में मुंबई में हुआ। उनके पिता मोहम्मद प्रेमजी म्यांमार से भारत आए थे और एक चावल कारोबारी के रूप में अपना व्यवसाय स्थापित किया था। हालांकि, बंटवारे के समय पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने उन्हें पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया था, लेकिन मोहम्मद प्रेमजी ने इसे ठुकरा दिया और हिंदुस्तान में ही अपने कारोबार को बढ़ाने का फैसला किया।
अजीम प्रेमजी ने कर्ज में डूबी कंपनी को दी नई ऊंचाइयां
अजीम प्रेमजी की शिक्षा पूरी करने के बाद वे अमेरिका गए थे, लेकिन 1965 में जब उनके पिता की मृत्यु हुई, तो उन्हें अपना अध्ययन छोड़कर भारत लौटना पड़ा और पिता के कारोबार को संभालना पड़ा। उस समय कंपनी काफी कर्ज में डूबी हुई थी, लेकिन अजीम ने इसे अपनी मेहनत से संकट से बाहर निकाला और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

विप्रो को बनाया दुनिया की टॉप आईटी कंपनी (Azim Premji's Wipro is world's top IT company)
1977 में अजीम प्रेमजी ने विप्रो कंपनी की शुरुआत की, जो अब दुनिया की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल है। उन्होंने विप्रो को पहले हार्डवेयर और बाद में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दिशा में अग्रसर किया, जिससे यह कंपनी ग्लोबल लेवल पर उभर कर सामने आई। आज विप्रो का मार्केट कैपिटलाइजेशन तीन ट्रिलियन रुपये (3 ट्रिलियन) तक पहुंच चुका है।
दान में अव्वल: अजीम प्रेमजी की दरियादिली
अजीम प्रेमजी न केवल अपने बिजनेस में सफल हैं, बल्कि उन्होंने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा समाजसेवा में भी दान किया है। उनकी दान देने की परंपरा भी बेहद प्रेरणादायक है। कई मीडिया हाउस की खबरों के अनुसार भारत के 19वें सबसे अमीर शख्स अजीम प्रेमजी प्रतिदिन लगभग 27 करोड़ रुपये दान करते हैं। अजीम प्रेमजी की कुल नेटवर्थ 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का इतिहास (Azim Premji Foundation)
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना 9 मार्च 2001 को भारतीय कंपनियों अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत की गई थी। तब से, अज़ीम प्रेमजी ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा एक परोपकारी कोष बनाने के लिए दान किया, जिसकी वैल्यू जनवरी 2023 तक लगभग 2,40,000 करोड़ रुपये (29 बिलियन डॉलर) थी। यह कोष फाउंडेशन की विभिन्न पहलों का समर्थन करने वाला वित्तीय धरोहर है।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रमुख कार्य
- शिक्षा: फाउंडेशन का प्राथमिक फोकस गुणवत्ता शिक्षा पर है, जिसमें सरकारी स्कूलों के नेटवर्क को मजबूत करना और शिक्षकों के क्षमता विकास पर जोर दिया जाता है।
- स्वास्थ्य: गांवों और शहरी इलाकों में कमजोर समुदायों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए कार्य किया जाता है।
- जीविका: फाउंडेशन विभिन्न समूहों और समुदायों को स्थायी आय और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करता है।
- अन्य क्षेत्र: इसमें बच्चों, महिला अधिकार, नागरिक समाज, जल, कला और संस्कृति जैसी कई अन्य पहल शामिल हैं।
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