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Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले तकरीबन 10 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं अयोध्या

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तमाम याचिकाओं पर सुनवाई पिछले महीने 16 अक्टूबर को पूरी हो चुकी है। सुप्री्म कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद माना जा रहा है कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते अपना फैसला सुना सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले तकरीबन 10 लाख श्रद्धालु हिंदू धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अगले हफ्ते मंगलवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। लेकिन जिस तरह से बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भी इस दिन अयोध्या पहुंच रहे हैं उसकी वजह से सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

धारा 144 लागू

धारा 144 लागू

राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अयोध्या जिला प्रशासन ने यहां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, साथ ही निषेधाज्ञा को भी लागू कर दिया गया है। पूरे शहर में धारा 144 को लागू कर दिया गया है, जिसके मद्देनजर एक साथ अधिक लोगों का इकट्ठा होना गैरकानूनी है। साथ ही प्रशासन सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रहा है। शीर्ष हिंदू और मुस्लिम नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को अपने घर पर एक बैठक की जिसमे समाज के सभी वर्ग के लोगों से अपील की गई है कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करें।

तमाम नेताओं के साथ बैठक

तमाम नेताओं के साथ बैठक

बैठक में शामिल लोगों से नकवी ने कहा कि विविधता में एकता ही हमारी संस्कृति है, मुझे पूरा भरोसा है कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा पूरा देश उसे स्वीकार करेगा और समाज में शांति और सद्भाव को बरकार रखने में आप हमारी मदद करेंगे। इस बैठक में आरएसएस के ज्वाइंट सेक्रेटरी कृष्ण गोपाल, पूर्व भाजपा संगठन मंत्री राम लाल, जमीयत उलेमा ए हिंद के जनरल सेक्रेटरी महमूद मदनी, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी भी शामिल थे।

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     शांति बनाए रखने की अपील

    शांति बनाए रखने की अपील

    भाजपा और आरएसएस ने अपने नेताओं को निर्देश दिया है कि वह किसी भी तरह का विवादित बयान देने से बचे। कोर्ट का फैसला आने के बाद लोगों की भावनाओं को भड़काने वाला किसी भी तरह का बयान ना दें। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला अगले हफ्ते जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने से पहले सुना सकता है। भाजपा और आरएसएस ने कोर्ट का फैसला आने के बाद देशभर में बड़े स्तर पर इसका जश्न मनाने पर भी रोक लगाई है और तमाम नेताओं से कहा है कि फैसला आने के बाद इसका जश्न नहीं मनाया जाएगा।

     पिछले वर्ष 80000 लोग पहुंचे थे अयोध्या

    पिछले वर्ष 80000 लोग पहुंचे थे अयोध्या

    भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जिन लोगों ने मंगलवार की बैठक में हिस्सा लिया है वह इस बात को लेकर सहमत थे कि कि कोर्ट के फैसले के बाद शांति को बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बता दें कि अगले हफ्ते मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा पड़ रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में सरयू नदी में डुबकी लगाने के लिए पहुंचेंगे। पुलिस ने बताया कि पिछले वर्ष तकरीबन 80000 श्रद्धालू अयोध्या पहुंचे थे।

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