ISRO के गगनयान मिशन को सपोर्ट करेगा ऑस्ट्रेलिया, कोकोस कीलिंग द्वीप से होगी ट्रैकिंग

नई दिल्ली, 13 सितंबर: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन पर तेजी से काम कर रही है। इस प्रोजक्ट का नाम 'गगनयान मिशन' रखा गया है। अब इसको लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। आस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी के उप प्रमुख एंथनी मर्फेट ने सोमवार को दावा किया कि उनका देश गगनयान मिशन को पूरी तरह से सपोर्ट करेगा। इसके अलावा वो कोकोस कीलिंग द्वीप से पूरे मिशन को ट्रैक करेंगे।

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मर्फेट ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में सोमवार को हिस्सा लिया। इसी कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंतरिक्ष सहयोग बढ़ रहा है। हाल ही में दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने कुछ अहम MoU को अपडेट किया था। ऐसे में जब भारत गगनयान मिशन लॉन्च करेगा, तो वो कोकोस कीलिंग द्वीप समूह से उसकी पूरी निगरानी करेंगे।

इस साल की शुरुआत में ही इसरो प्रमुख सिवन ने कहा था कि भारतीय एजेंसी ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर कोकोस कीलिंग द्वीप समूह में एक ग्राउंड स्टेशन बनाने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ग्राउंड स्टेशन पर उपग्रह को क्लियर व्यू नहीं मिलता, तो वो सही से डेटा ट्रांसफर नहीं कर सकता है। कई बार ब्लाइंड स्पॉट की वजह से भी उपग्रह से डेटा मिलने में दिक्कत आती है। ऐसे में कोकोस कीलिंग द्वीप के डेटा रिले उपग्रह ट्रैकिंग से इस मुद्दे को हल किया जा सकेगा।

कितनी आएगी लागत?
गगनयान मिशन को पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है। इसके लिए फंड की कमी ना हो, सरकार इसका भी पूरा ध्यान रख रही है। एक अनुमान के मुताबिक गगनयान प्रोजेक्ट पर 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा।

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