स्वरा भास्कर को मिली राहत, अटॉर्नी जनरल ने नहीं दी अवमानना याचिका को सहमति
नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मामला चल रहा है। इस बीच एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के खिलाफ भी अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी, जिसे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने खारिज कर दिया है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को नहीं सुना जाएगा, जो स्वरा भास्कर के लिए एक राहत भरी खबर है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में किसी भी अवमानना याचिका से पहले अटॉर्नी जनरल से सहमति लेनी होती है। सिर्फ उन मामलों में इस सहमति की जरूरत नहीं होती है, जिसे कोर्ट स्वत: संज्ञान में लेता है। जैसा प्रशांत भूषण केस में हुआ था। याचिकाकर्ता ऊषा शेट्टी ने स्वरा भास्कर के फरवरी में दिए गए एक बयान को अवमानना का आधार बताया था, लेकिन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उनकी मांग नहीं मानी।
फरवरी में क्या था मामला?
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्मभूमि मामले में अपना फैसला सुनाया था। जिसके तहत विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाने का आदेश दिया गया । फरवरी में एक पैनल में चर्चा के दौरान स्वरा भास्कर ने इस फैसले को लेकर टिप्पणी कर दी। जिसके बाद से उनके बयान की निंदा की जा रही थी। कुछ दिन पहले ट्विटर पर #ArrestSwaraBhaskar ट्रेंड कर रहा था। तब से लोग स्वरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके अलावा भी कई मौकों पर स्वरा खुलकर बोलती नजर आई हैं।












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