अमृत योजना के तहत 13 शहरों का होगा कायाकल्प
नई दिल्ली। शहरी विकास मंत्रालय ने आज 2015-16 के लिए अटल कायाकल्प एवं शहरी रूपांतरण कार्य योजना मिशन (अमृत) के तहत 6 राज्यों के 13 नगरों में जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क एवं सेप्टेज प्रबंधन, तूफान जल निकासी, शहरी परिवहन एवं हरित स्थलों के प्रावधान के लिए 495.11 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दे दी। शहरी विकास सचिव श्री मधुसूदन प्रसाद की अध्यक्षता में एक अंत: मंत्रीस्तरीय शीर्ष कमेटी में गुवाहाटी, जम्मू, श्रीनगर, पणजी, शिलौंग, अगरतल्ला और पुदुचेरी समेत 13 नगरों की निवेश योजनाओं को मंजूरी दे दी है।

495.11 करोड़ रुपए की कुल परियोजना लागत में से केंद्र सरकार 425 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान करेगी।
राज्यवार मंजूरी प्राप्त निवेश इस प्रकार हैं:
- असम - 186.27 करोड़ रुपए
- जम्मू-कश्मीर - 171 करोड़ रुपए
- गोवा - 59.44 करोड़ रुपए
- त्रिपुरा 36.62 करोड़ रुपए-
- मेघालय - 22.81 करोड़ रुपए
- पुदुचेरी 18.97 करोड़ रुपए
महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं-
केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों एवं जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में योजना लागतों का 90 प्रतिशत, पुदुचेरी के लिए 100 प्रतिशत एवं गोवा के लिए लागत का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इसी के अनुरूप 2015-16 के लिए असम को 169.34 करोड़ रुपए, त्रिपुरा 32.96 करोड़ रुपए, मेघालय 20.53 करोड़ रुपए, जम्मू-कश्मीर 153.90 करोड़ रुपए, गोवा 29.72 करोड़ रुपए और पुदुचेरी 18.97 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी।
शहर जहां अमृत योजना आयेगी
अटल मिशन का लक्ष्य जलापूर्ति और सीवर कनेक्शनों, जलापूर्ति बढ़ाने, सीवरेज नेटवर्क सेवाओं तथा हरित स्थलों को बढ़ावा देने के अतिरिक्त तूफान जल निकासी के साथ 500 मिशन नगरों के सभी शहरी परिवारों में ये सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
मंजूरी प्राप्त कुल निवेशों में से 201.86 करोड़ रुपए जलापूर्ति बढ़ाने पर, 116.10 करोड़ रुपए सीवरेज नेटवर्क को विस्तारित करने एवं सेप्टेज प्रबंधन पर, 85 करोड़ रुपए गैर-मोटर परिवहन के साथ शहरी परिवहन को बढ़ाने पर, 77.37 करोड़ रुपए तूफान जल निकासी परियोजनाओं पर एवं 14.69 करोड़ रुपए हरेक स्थल मुहैया कराने पर खर्च किए जाएंगे।
जम्मू एवं कश्मीर
- जम्मू में 22.50 करोड़ रुपए, अनंतनाग 15.00 करोड़ रुपए एवं श्रीनगर में 13 करोड़ रुपए समेत सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन पर 50.50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
- श्रीनगर में 50 करोड़ रुपए, जम्मू में 22 करोड़ रुपए एवं अनंतनाग में 5.00 करोड़ रुपए समेत जल निकासी सुविधाएं प्रदान करने पर 77 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।
- श्रीनगर में 15 करोड़ रुपए, जम्मू में 13 करोड़ रुपए एवं लेह में 5 करोड़ रुपए के साथ शहरी परिवहन को बेहतर बनाया जाएगा।
- श्रीनगर, जम्मू, अनंतनाग एवं लेह में 5.50 करोड़ रुपए की लागत से हरित स्थलों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
असम
- नागोन में 51.79 करोड़ रुपए की लागत से, डिब्रूगढ में 46.51 करोड़ रुपए एवं सिलचर में 43.20 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति को बढ़ाया जाएगा।
- गुवाहाटी समेत चार मिशन नगरों में जलापूर्ति बढ़ाने एवं सीवरेज नेटवर्क पर खर्च किया जाएगा।
- इन तीन नगरों एवं गुवाहाटी में 4.73 करोड़ रुपए की लागत से हरित स्थलों का विकास किया जाएगा।
मेघालय
- शिलौंग में 22.22 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज एवं सेप्टेज परियोजना शुरू की जाएगी एवं 59 लाख की लागत से हरित स्थलों का विकास किया जाएगा।
त्रिपुरा
- अगरतल्ला में जलापूर्ति को बेहतर बनाने पर 32.50 करोड़ रुपए, शहरी परिवहन पर 2.12 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे।
- हरित स्थलों को बेहतर बनाने पर 2.00 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
गोवा
- पणजी में पेडेस्ट्रानाइजेशन ऑफ सिटी स्क्वायर, फुटपाथों, साइडवॉक्स एवं वॉकवेज जैसी शहरी परिवहन परियोजनाओं को 49.97 करोड़ रुपए एवं 7.38 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन कार्य, 36 लाख रुपए प्रत्येक की लागत से जल निकासी एवं जलापूर्ति परियोजनाओं एवं हरित स्थलों के विकास पर 1.40 करोड रुपए खर्च किये जाएंगे।
पुद्दुचेरी
- पुद्दुचेरी में जलापूर्ति को 5.76 करोड रुपये की लागत से एवं ओलगरेट 6.7 करोड रुपये की लागत से बेहतर बनाया जाएगा। ये दोनों शहरी स्थानीय निकाय सीवरेज परियोजनाओं पर 3 - 3 करोड रुपये खर्च करेंगे।
- शहरी क्षेत्रों में हरित स्थल मुहैया कराने पर 47 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।












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