शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत करने वाला ही फंस गया, दर्ज हुई FIR, अचानक कैसे आया नया मोड़?
Sharmistha Panoli Case: जिस शख्स की शिकायत पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को अरेस्ट किया गया है, अब वो ही खुद बुरा फंस गया है। असम पुलिस ने उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा दर्ज की एफआईआर में हिंदू देवी-देवताओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।
मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत कर उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले इस शख्स का नाम वजाहत खान है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार ये शख्स आदतन पहले भी हिंदू धर्म के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणियां कर चुका है। वज़ाहत खान, ने सनातन धर्म का भी उपहास उड़ाया था।

कानूनी कार्यवाही के लिए असम लाया जाए
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर कहा कि देवी मां कामाख्या के खिलाफ इस शख्स द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के संबंध में असम पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सीएम ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से सहयोग मांगेंगे कि उस व्यक्ति को कानूनी कार्यवाही के लिए असम लाया जाए।"
कामाख्या देवी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट पर लिखा " देवी मां कामाख्या के खिलाफ अस्वीकार्य टिप्पणियों के संदर्भ में असम पुलिस ने मामला दर्ज किया है और हम उस व्यक्ति को कानून का सामना करने के लिए असम लाने में पश्चिम बंगाल सरकार का सहयोग लेंगे।
शर्मिष्ठा को क्यों किया गया अरेस्ट?
पुणे की लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को पिछले सप्ताह कोलकाता पुलिस ने गुरुग्राम से बॉलीवुड अभिनेताओं के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर पर आवाज न उठाने को लेकर उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद उन्होंने वीडियो हटा दिया था। उन्हें अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
शर्मिष्ठा पनोली को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधाएं
वकील मोहम्मद समीमुद्दीन ने कहा, "अलीपुर महिला सुधार गृह के अंदर उचित स्वच्छता नहीं रखी जा रही है। मेरे क्लाइंट को बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। उन्हें किडनी से संबंधित समस्याएं हैं और वह ठीक नहीं हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति नाजुक है और बुनियादी स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में बिगड़ सकती है। हमने एक याचिका दायर की है और अदालत ने 4 जून तक एक रिपोर्ट मांगी है।"
जेल के अंदर अन्य कैदियों से कई धमकियां मिल रही
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि 22 वर्षीय इंफ्लुएंसर को "जेल के अंदर अन्य कैदियों से कई धमकियां मिल रही हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा और भलाई का डर है।" समीमुद्दीन ने आगे कहा, "ये धमकियां एक असुरक्षित वातावरण बना रही हैं, जिससे उनकी मानसिक शांति और शारीरिक सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।"












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